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' तीसरी नजर से हॉस्टल-मेस की निगहबानी'
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2015 02:15 AM IST
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रावासों में अब तीसरी नजर रहेगी। महिला और पुरुष छात्रावासों के मुख्य द्वार और मेस में जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य छात्रावासों के आसपास बाहरी लोगों पर नजर रखने और मारपीट की घटनाओं में शामिल छात्रों को चिह्नित करना है।
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विद्यापीठ परिसर में प्रशासनिक भवन समेत कई जगहों पर सीसी कैमरे लगवाए गए हैं लेकिन अभी तक छात्रावासों में यह व्यवस्था नहीं थी। इससे छात्रावासों में बाहरी छात्रों के आने-जाने और मारपीट करने वालों की पहचान नहीं हो पाती थी। चीफ वार्डेन प्रो. योगेंद्र सिंह ने बताया कि छात्रावासों में सर्वे हो चुका है। जल्द ही कैमरे लगाए जाएंगे।
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छात्रावास में कैमरे लगाने की प्रशासन की पहल सराहनीय है। ऐसा होने से मारपीट और आपराधिक घटनाएं रोकी जा सकेंगी। समय-समय पर इसकी मानीटरिंग की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। - दीपिका तिवारी
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जिस तरह से आए दिन महिलाओं, छात्राओं के साथ घटनाएं हो रही हैं, इस लिहाज से महिला छात्रावास के पास कैमरा लगाना बहुत जरूरी है। इससे छात्रावास के आसपास घूमने वालों की पहचान हो सकेगी। - अनामिका
हास्टल में कैमरे लगना बहुत जरूरी है। विश्वविद्यालय कैंपस और छात्रावासों के पास मारपीट की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन आरोपी बच निकलते हैं। अब कैमरे की फुटेज से उनकी पहचान हो सकेगी। - पंकज मिश्रा
हास्टलों में कुछ छात्रों की वजह से अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है। इस तरह की गतिविधियों से माहौल दूषित होता है। सीसीटीवी कैमरे लग जाने से ऐसी घटनाएं रोकी जा सकेंगी। - अनूप सिंह