सीबीएसई की तर्ज पर अब आईसीएसई का पाठ्यक्रम
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आईसीएसई बोर्ड से पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए खुश खबरी है। अब आईसीएसई का पाठ्यक्रम भी सीबीएसई जैसा ही होगा। दोनों ही बोर्ड के पाठ्यक्रम में अब एकरूपता लाई जा रही है। अगले सत्र से सीबीएसई पैटर्न पर आधारित ये पाठ्यक्रम लागू भी कर दिया जाएगा। कक्षा नौ और ग्यारह में इसे लागू कर दिया गया है। इस तरह 2018 में इस नए पाठ्यक्रम के आधार पर ही आईसीएसई बोर्ड की परीक्षाएं होंगी।
सेंट जॉन्स स्कूल डीएलडब्ल्यू के प्रिंसिपल फादर सुसाई राज ने बताया कि अब सभी मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षाएं सीबीएसई द्वारा कराई जा रही हैं। इन परीक्षाओं का पैटर्न भी सीबीएसई के पाठ्यक्रमों के आधार पर ही होता है। यही वजह है कि आईसीएसई के पाठ्यक्रम में ये बदलाव जाया जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं को देखते हुए कक्षा दस के बाद आईसीएसई बोर्ड के बच्चे सीबीएसई बोर्ड में शिफ्ट हो रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आईसीएसई बोर्ड ने पाठ्यक्रम में बदलाव करने का निर्णय लिया है।
प्रिंसिपल फादर सुसाई राज ने बताया कि आईसीएसई के स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक का सिलेबस भी अलग अलग होता था। लेकिन अब सभी आईसीएसई स्कूलों में एक ही सिलेबस से पढ़ाई होगी।
अगले सेशन से इसे हर स्कूल में लागू भी कर दिया जाएगा। इससे किताबों में भी एकरूपता आ सकती है। हालांकि ये भी संभव है कि हर स्कूल की किताबें एक जैसी न हों। हर स्कूल के पढ़ाने का तरीका अलग होता है।
सेंट जॉन्स स्कूल डीरेका में अगले सेशन से एक शिफ्ट में क्लासेज चलेंगी। अब तक एलकेजी से कक्षा पांच तक की पढ़ाई सुबह के शिफ्ट में होती है। वहीं क्लास 6 से 12 तक की क्लासेज दूसरे शिफ्ट में चलती हैं। अब एक शिफ्ट में क्लासेज से काफी सहूलियत हो जाएगी। बता दें कि सेंट जॉन्स मढ़ौली में पिछले सत्र से ही एक शिफ्ट में पढ़ाई हो रही है।