{"_id":"60ba6f428ebc3eb5fd358595","slug":"case-will-be-filed-against-the-primary-members-of-the-committee-in-the-land-case-in-gopalpur-varanasi-news-vns593074115","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोपलपुर में जमीन मामले में समिति के प्राथमिक सदस्यों पर दर्ज होगा मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोपलपुर में जमीन मामले में समिति के प्राथमिक सदस्यों पर दर्ज होगा मुकदमा
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने मड़िहान तहसील के गोपलपुर कृषि सहकारी समिति कि सदस्यों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए निर्देश दिया हैै। सीएम आफिस के ट्विटर हैंडल के माध्यम से यह जानकारी दी गई। सोनभद्र के उभ्भा कांड के बाद गोपलपुर जमीन मामले की जांच हुई थी। इसमें कांग्रेस के एक दिग्गज नेता के परिवार का नाम सामने आ रहा है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुरूप सीएम योगी ने गोपलपुर सरकारी कृषि समिति लिमिटेड की ओर से किए गए भ्रष्टाचार के प्रकरण में जिलाधिकारी मिर्जापुर को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सोनभद्र जिले के घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा गांव में समिति की जमीन विवाद के चलते हुए नरसंहार की जांच के बाद मिर्जापुर जिले के आदर्श तहसील मड़िहान में समितियों की जमीन पर हेराफेरी का मामला सामने आया था। एसआईटी जांच टीम की रिपोर्ट का खुलासा तो नहीं हुआ लेकिन तहसील अधिकारियों की दबी जुबान कई बातों की चर्चा रही। बताया जा रहा है कि गोपलपुर सहकारी कृषि समिति लिमिटेड की लगभग नौ हजार बीघे में से जिलाधिकारी की बिना अनुमति लिए समिति के नामित अध्यक्ष की ओर से 212 बीघे जमीन मेगा फूड पार्क नाम की कंपनी को बेच दी गई थी। चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकार की संपत्ति की रखवाली करने वालों की मिलीभगत से खारिज दाखिल भी आसानी से हो गया। मामला तूल पकड़ता देख तत्कालीन तहसीलदार कर्मेंद्र कुमार ने आननफानन में मेगा फूड कंपनी का बैनामा का दाखिल खारिज कर दिया। तहसीलदार के अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला होने के कारण एसडीएम कार्यालय के लिए फाइल संस्तुति की गयी। इस संबंध में एसडीएम ने भी नहीं कहा। हां इतना जरूर बताया गया कि 12 एकड़ से अधिक जमीन बिक्त्रस्ी के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी पड़ती है।
सोनभद्र की घटना के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की अध्यक्षता में समितियों की जमीन की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया था । महीनों जांच के बाद परत दर परत के मामले सामने आने लगे। मड़िहान तहसील में गोपलपुर समिति का पर्दा उठा तो घपलेबाजों को दिन में तारे नजर आए। इतना ही नही अभी पटेहरा कला में 186 बीघा जमीन पर समिति का मामला उजागर होने की चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इस मामले फिर से नया मोड़ आ गया है। ऐसे में कई बड़े नाम कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
विज्ञापन
इस बाबत एडीएम भू राजस्व यूपी सिंह ने बताया कि शासन से कार्रवाई का निर्देश मिला है। शासन से निर्देश की कॉपी मिलने के बाद उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सोनभद्र जिले के घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा गांव में समिति की जमीन विवाद के चलते हुए नरसंहार की जांच के बाद मिर्जापुर जिले के आदर्श तहसील मड़िहान में समितियों की जमीन पर हेराफेरी का मामला सामने आया था। एसआईटी जांच टीम की रिपोर्ट का खुलासा तो नहीं हुआ लेकिन तहसील अधिकारियों की दबी जुबान कई बातों की चर्चा रही। बताया जा रहा है कि गोपलपुर सहकारी कृषि समिति लिमिटेड की लगभग नौ हजार बीघे में से जिलाधिकारी की बिना अनुमति लिए समिति के नामित अध्यक्ष की ओर से 212 बीघे जमीन मेगा फूड पार्क नाम की कंपनी को बेच दी गई थी। चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकार की संपत्ति की रखवाली करने वालों की मिलीभगत से खारिज दाखिल भी आसानी से हो गया। मामला तूल पकड़ता देख तत्कालीन तहसीलदार कर्मेंद्र कुमार ने आननफानन में मेगा फूड कंपनी का बैनामा का दाखिल खारिज कर दिया। तहसीलदार के अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला होने के कारण एसडीएम कार्यालय के लिए फाइल संस्तुति की गयी। इस संबंध में एसडीएम ने भी नहीं कहा। हां इतना जरूर बताया गया कि 12 एकड़ से अधिक जमीन बिक्त्रस्ी के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी पड़ती है।
विज्ञापन
सोनभद्र की घटना के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की अध्यक्षता में समितियों की जमीन की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया था । महीनों जांच के बाद परत दर परत के मामले सामने आने लगे। मड़िहान तहसील में गोपलपुर समिति का पर्दा उठा तो घपलेबाजों को दिन में तारे नजर आए। इतना ही नही अभी पटेहरा कला में 186 बीघा जमीन पर समिति का मामला उजागर होने की चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इस मामले फिर से नया मोड़ आ गया है। ऐसे में कई बड़े नाम कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
विज्ञापन
इस बाबत एडीएम भू राजस्व यूपी सिंह ने बताया कि शासन से कार्रवाई का निर्देश मिला है। शासन से निर्देश की कॉपी मिलने के बाद उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।