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नोटबंदी के बाद आरबीआई को भेजे जाली नोट, एसबीआई के बैंक प्रबंधक पर एफआईआर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,सोनभद्र
Updated Wed, 21 Nov 2018 08:38 PM IST
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नोटबंदी के बाद सोनभद्र के राबर्ट्सगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक से रिजर्व बैंक को भेजी गए पुराने नोटों में पांच सौ और एक हजार के 41 नोट जाली पाए गए हैं। इसमें पांच सौ के 29 और एक हजार के 12 नोट शामिल हैं। महाप्रबंधक बैंक नोट प्रेस देवास मध्यप्रदेश से इसकी पुष्टि कराने के बाद बुधवार को आरबीआई के प्रबंधक दावा अनुभाग निर्गम विभाग कानपुर सत्यप्रकाश ने राबर्ट्सगंज कोतवाली में शाखा प्रबंधक के खिलाफ इसकी प्राथमिकी दर्ज करा दी है।
प्रबंधक दावा सत्यप्रकाश ने पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि एसबीआई की राबर्ट्सगंज शाखा से नोटबंदी के बाद जमा किए गए पुराने नोट आरबीआई को भेजे गए थे। वहां जनवरी 2018 में नोटों का मिलान करने पर पांच सौ के 29, एक हजार के 14 नोट जाली पाए गए।
नोट प्रेस देवास को भेजकर इसकी जांच भी कराई गई। वहां से भी नोटों के जाली होने की पुष्टि हुई। तब आरबीआई प्रबंधन ने मामले में शाखा प्रबंधक को जिम्मेदार मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया।
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प्रबंधक दावा सत्यप्रकाश ने पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि एसबीआई की राबर्ट्सगंज शाखा से नोटबंदी के बाद जमा किए गए पुराने नोट आरबीआई को भेजे गए थे। वहां जनवरी 2018 में नोटों का मिलान करने पर पांच सौ के 29, एक हजार के 14 नोट जाली पाए गए।
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नोट प्रेस देवास को भेजकर इसकी जांच भी कराई गई। वहां से भी नोटों के जाली होने की पुष्टि हुई। तब आरबीआई प्रबंधन ने मामले में शाखा प्रबंधक को जिम्मेदार मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया।
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इस पर जाली नोटों के ब्योरे के साथ उन्होंने गत 24 अक्तूबर को डाक से एसपी को तहरीर भेजी। एसपी ने राबर्ट्सगंज पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। बुधवार को तहरीर मिलने पर मामले में भारतीय मुद्रा के जाली नोटों का मुद्रण या परिचालन दंड संहिता की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। विवेचना राबर्ट्सगंज चौकी इंचार्ज को सौंपी गई है।
उल्लेखनीय है कि आठ नवंबर 2016 को नोट बंदी लागू हुई थी। इसके बाद बैंकों में बड़े पैमाने पर पुराने नोट जमा किए गए थे। बताते चलें कि 11 साल पूर्व एसबीआई की राबर्ट्सगंज शाखा के एटीएम से कई जाली नोट निकले थे। उसमें कुछ बैंक कर्मी की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। पीड़ितों ने इसकी शिकायत भी की थी।
उल्लेखनीय है कि आठ नवंबर 2016 को नोट बंदी लागू हुई थी। इसके बाद बैंकों में बड़े पैमाने पर पुराने नोट जमा किए गए थे। बताते चलें कि 11 साल पूर्व एसबीआई की राबर्ट्सगंज शाखा के एटीएम से कई जाली नोट निकले थे। उसमें कुछ बैंक कर्मी की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। पीड़ितों ने इसकी शिकायत भी की थी।