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विकास सिंह पर नौकरी के नाम पर पैसे हड़पने का केस

Wed, 25 May 2022 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 25 May 2022 11:24 PM IST
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Case of grabbing money in the name of job on Vikas Singh
बलिया। बैरिया थाना क्षेत्र के चकिया निवासी जिस विकास सिंह से संबंधों के चक्कर में एडिशनल एसपी विजय त्रिपाठी को निलंबित किए जाने के बाद विकास पर भी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम हड़पने के आरोप में शहर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है।
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विकास सिंह के खिलाफ तहरीर देने वाले हरि प्रकाश सिंह निवासी खारा थाना बसेसर जनपद गाजीपुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 अप्रैल में बलिया शहर आने पर प्रभु नामक व्यक्ति से मेरी मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान उसने खुद को सेना का अफसर बताया और इंटेलिजेंस विभाग में बड़े अफसर के पद पर होने की बात कही। उसने सरकारी विभाग में कई लोगों की नौकरी लगवाने का दावा किया, जिसका आसपास मौजूद लोगों ने भी पुष्टि की थी। हरि प्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि मैंने अपने लड़के की नौकरी लगवाने के लिए कहा तो उसने एक लाख रुपये की मांग की। 2 दिन बाद मैंने उसे एक लाख रुपये दे दिए। उसके बाद उसे काफी समय तक नौकरी दिलाने के लिए कहता रहा लेकिन वह मामले को टालता रहा। बार बार कहने पर उसने अपने मोबाइल में एक फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाया और मुझसे 50 हजार और ले लिए। इसके बाद नीली बत्ती लगी गाड़ी में बैठ कर चला गया। बाद में पता चला कि उसका नाम विकास सिंह है और वह चकिया गांव का रहने वाला है। मांगने के बावजूद मेरा पैसा वापस नहीं किया। हरि प्रकाश सिंह की तहरीर पर विकास सिंह के खिलाफ शहर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है।
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एएसपी के साथ से सब पर जमाई धौंस
मंडलाधिकारी विशेष शाखा अभिसूचना विभाग की गोपनीय छानबीन में कहा गया है कि विकास सिंह नेताओं और अधिकारियों के यहां घूमता रहता और उनके साथ फोटो खिंचवाता रहता था। अधिकारियों से अच्छे संबंध होने का दावा कर उनका कार्य करवाने की जिम्मेदारी लेता था। कभी वह खुद को सचिवालय में ऊंचे पद पर कार्यरत बताता तो कभी इंटेलिजेंस में। एएसपी के साथ रहने से वह पुलिस थानों पर अपना प्रभाव डाल कर काम करवाता था। बैरिया के तत्कालीन थाना प्रभारी शिवशंकर सिंह और और थानाध्यक्ष संजय सरोज ने इस बात की पुष्टि की। रिपोर्ट में कहा गया कि अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी द्वारा एक सामान्य प्राइवेट व्यक्ति को इंटेलिजेंस का सरकारी बताकर उच्चाधिकारियों से परिचय कराना लगातार उसके संपर्क में रहना एवं उसके घर पर आकर खाना-पीना करने से गलत ढंग से धन प्राप्त करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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