वाराणसी: जेल में बंद माफिया सुभाष और भाजपा नेता समेत 6 पर दर्ज मुकदमा चंद घंटे में निरस्त, जांच में निकला फर्जी, एसएचओ लाइन हाजिर
माफिया सुभाष ठाकुर सहित छह के खिलाफ सारनाथ थाने में नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था। जांच में यह फर्जी पाया गया। मुकदमा धमकी, आपराधिक षडयंत्र सहित अन्य आरोपों में दर्ज हुआ था।
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अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से अपनी जान का खतरा बताने वाले माफिया डान सुभाष ठाकुर और महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय सहित छह के खिलाफ सारनाथ थाने में शुक्रवार की दोपहर धमकी सहित अन्य आरोपों में दर्ज मुकदमा शाम को स्पंज कर दिया गया। चार घंटे में ही मुकदमे को खारिज करने के साथ ही सारनाथ थाना प्रभारी नागेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया।
सारनाथ के लेढु पुर के रहने वाले धीरज तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़ित के अनुसार बृहस्पतिवार को गांव में हत्या की नीयत से तीन शूटरों को भेजा गया था। इसके पीछे जेल में बंद माफिया सुभाष ठाकुर, उसका भांजा रमाकांत सिंह मिंटू, टिंकू राय, कृपाशंकर राय, भाजपा महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय और एक अज्ञात की साजिश है।
पीड़ित का कहना था कि छह माह पूर्व भी माफिया डान सुभाष ठाकुर समेत तीन पर चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। धीरज का आरोप है कि उसी मुकदमे को लेकर सुभाष ठाकुर के इशारे पर मुझे मारने के लिए तीन शूटरों को लेढूपुर स्थित घर पर भेजा गया।
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दरअसल, सारनाथ थाना अंतर्गत लेढूपुर निवासी और बसपा के पूर्व नेता धीरज तिवारी का एक मकान चेतगंज थाना अंतर्गत जगतगंज में भी है। धीरज ने चार मार्च 2021 को माफिया सुभाष ठाकुर समेत तीन के खिलाफ धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मुकदमे के बाद से पुलिस ने धीरज को सुरक्षा मुहैया कराई है।
अफसरों ने दिखाई गजब की फुर्ती, चार घंटे में समाधान
अपनी हीलाहवाली और लचर व्यवस्था के लिए बदनाम पुलिस ने माफिया डॉन सुभाष ठाकुर और भाजपा महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय के मुकदमे में गजब की तेजी दिखाई। पुलिस का दावा है कि एसीपी और एसएचओ ने मौके पर जाकर पूरी जांच की और सीसीटीवी आदि जांच कर मामला स्पंज किया है।
उधर, महकमे में चर्चा है कि भाजपा महानगर अध्यक्ष को नामजद किए जाने के बाद अफसरों तक में खलबली मच गई थी और इसके बाद यह पूरा एक्शन लिया गया। यही कारण है कि एसएचओ को भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने कहा कि घटना की सूचना के बाद ही रात में एसीपी सारनाथ और एसएचओ सारनाथ मौके पर गए थे। सीसीटीवी फुटेज और आसपास लोगों से पूछताछ के दौरान ऐसा कोई मामला नहीं पाया गया। इसलिए जांच कर मुकदमा को स्पंज कर दिया गया। भाजपा महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय ने कहा कि मेरा नाम किस आधार पर शामिल किया गया, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मेरा किसी से कोई मतलब नहीं है। यह सब बातें निराधार हैं।