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Varanasi News: हनीट्रैप में चार पर केस महिला समेत 3 गिरफ्तार
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ज्ञानपुर। जिले की पुलिस ने रविवार को हनी ट्रैप करने वाले गैंग का खुलासा किया। महिला समेत चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। एक भाजपा नेता और सरकारी अधिवक्ता को गैंगरेप के मामले में फंसाने की साजिश में पुलिस ने यह कार्रवाई की। नामजद बाप-बेटे एक पूर्व विधायक के रिश्तेदार हैं।
पुलिस लाइन सभागार में रविवार को पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने पत्रकारों से रूबरू होकर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को आवेदक वीरेंद्र शुक्ला निवासी शुक्ला बिल्डिंग ने सूचना दी कि उनके भाई अशोक शुक्ला, उनका बेटा कैलाशपति शुक्ला, मित्र सुशील दुबे निवासी भावसिंहपुर डुहिया और एक महिला के माध्यम से मेरे और अधिवक्ता प्रवेश तिवारी के खिलाफ साजिश के तहत फर्जी गैंगरेप का प्रार्थना पत्र दिया है। हम दोनों के विरुद्ध वर्ष 2014 में भी दुष्कर्म और दुष्कर्म के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
विवेचना के दौरान मामला गलत निकला। 22 जुलाई 2025 को एक महिला ने फोन पर मेरे बेटे विशाल शुक्ला को बताया कि आपके पिताजी को कैलाशपति शुक्ला और सुशील दुबे ने गैंगरेप में फंसाने और पैसे ऐंठने की साजिश रची है। पुलिस ने मामले में अशोक शुक्ला, उनके बेटे कैलाशपति शुक्ला, मित्र सुशील दूबे और उक्त महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
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एसपी ने बताया कि प्रकरण की जांच की गई तो मामला कुछ और निकला। सुशील दूबे और कैलाशपति शुक्ला हनीट्रैप का गिरोह चलाते हैं। बाहर से महिलाओं को बुलाकर लोगों को फंसाते हैं। मामले में पुलिस को भी गलत सूचना देने और फंसाने की साजिश की गई। इसे लेकर चार लोगों पर केस दर्ज किया गया।
अशोक शुक्ला, सुशील दूबे और अयोध्या निवासी उक्त महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी टीम में विश्वजीत ज्योति राय, सीमा सिंह, प्रमोद यादव, सुरेश सक्सेना, अवनीश राय, शिवानी सिंह आदि शामिल रहे।
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पुलिस लाइन सभागार में रविवार को पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने पत्रकारों से रूबरू होकर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को आवेदक वीरेंद्र शुक्ला निवासी शुक्ला बिल्डिंग ने सूचना दी कि उनके भाई अशोक शुक्ला, उनका बेटा कैलाशपति शुक्ला, मित्र सुशील दुबे निवासी भावसिंहपुर डुहिया और एक महिला के माध्यम से मेरे और अधिवक्ता प्रवेश तिवारी के खिलाफ साजिश के तहत फर्जी गैंगरेप का प्रार्थना पत्र दिया है। हम दोनों के विरुद्ध वर्ष 2014 में भी दुष्कर्म और दुष्कर्म के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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विवेचना के दौरान मामला गलत निकला। 22 जुलाई 2025 को एक महिला ने फोन पर मेरे बेटे विशाल शुक्ला को बताया कि आपके पिताजी को कैलाशपति शुक्ला और सुशील दुबे ने गैंगरेप में फंसाने और पैसे ऐंठने की साजिश रची है। पुलिस ने मामले में अशोक शुक्ला, उनके बेटे कैलाशपति शुक्ला, मित्र सुशील दूबे और उक्त महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
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एसपी ने बताया कि प्रकरण की जांच की गई तो मामला कुछ और निकला। सुशील दूबे और कैलाशपति शुक्ला हनीट्रैप का गिरोह चलाते हैं। बाहर से महिलाओं को बुलाकर लोगों को फंसाते हैं। मामले में पुलिस को भी गलत सूचना देने और फंसाने की साजिश की गई। इसे लेकर चार लोगों पर केस दर्ज किया गया।
अशोक शुक्ला, सुशील दूबे और अयोध्या निवासी उक्त महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी टीम में विश्वजीत ज्योति राय, सीमा सिंह, प्रमोद यादव, सुरेश सक्सेना, अवनीश राय, शिवानी सिंह आदि शामिल रहे।