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इंडिया कार्पेट अगले साल मार्च में दिल्ली में
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वाराणसी। अगले साल फिर से मिलने के वायदे के साथ इंडिया कार्पेट एक्सपो का समापन हो गया। आयोजन कर्ताओं ने कालीन मेले में चार सौ करोड़ से अधिक के कारोबार का अनुमान लगाया है। दोपहर के बाद ही निर्यातक एवं निर्माता कालीनों को पैक करने में जुट गए थे। हालांकि लोग अंतिम समय तक मिलने वाले आर्डर का लाभ उठाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते थे। अंतिम दिन आम नागरिकों ने भी कालीन मेले में शिरकत की।
सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहे कार्पेट एक्सपो के अंतिम दिन दोपहर बाद से कर्मचारी कालीनों को समटने में जुट गए थे और शाम होते-होते अधिकांश स्टॉल खाली हो गए। भारत सरकार के सहयोग और कालीन निर्यात संवर्धन परिषद की तरफ से चल रहे चार दिवसीय इंडिया कार्पेट एक्सपो में देश के विभिन्न कोने से आये निर्यातकों एवं निमार्ताओं ने स्टॉलों पर एक से बढ़कर एक कालीनों का प्रदर्शन किया। इसमें सर्वाधिक निर्यातक और निर्माता भदोही, मीरजापुर, वाराणसी के थे। सीईपीसी के चेयरमैन सिद्धनाथ सिंह ने बताया कि मेले में आये विदेशी आयातकों एवं उनके प्रतिनिधियों के रुझान को देखते हुए अगले एक साल में तीन हजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद जगी है। अगला इंडिया कार्पेट एक्सपो 28 से 31 मार्च तक नयी दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र स्थित एनएसआईसी एक्जीबिशन काम्प्लेक्स में लगेगा।
सीईपीसी प्रशासनिक कमेटी के वरिष्ठ सदस्य उमेश गुप्ता उर्फ मुन्ना ने बताया कि 361 विदेशी ग्राहकों एवं ग्राहकों के 322 प्रतिनिधियों ने विजिट किया। कालीन मेलें में आस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चीली, चाइना, फ्र ांस, जर्मनी, इरान, इटली, जापान, कजाकिस्तान, कोरिया, लिथुनिया, मैक्सिको, नेपाल, रसिया, सिंगापुर, साउथ अफ्र ीका, स्पेन, स्वीडेन, ताइवान, थाईलैंड, टर्की, यूएई, यूके, यूएसए, वियतनाम आदि देशों के ग्राहकों ने मेले में खरीदारी की।
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सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहे कार्पेट एक्सपो के अंतिम दिन दोपहर बाद से कर्मचारी कालीनों को समटने में जुट गए थे और शाम होते-होते अधिकांश स्टॉल खाली हो गए। भारत सरकार के सहयोग और कालीन निर्यात संवर्धन परिषद की तरफ से चल रहे चार दिवसीय इंडिया कार्पेट एक्सपो में देश के विभिन्न कोने से आये निर्यातकों एवं निमार्ताओं ने स्टॉलों पर एक से बढ़कर एक कालीनों का प्रदर्शन किया। इसमें सर्वाधिक निर्यातक और निर्माता भदोही, मीरजापुर, वाराणसी के थे। सीईपीसी के चेयरमैन सिद्धनाथ सिंह ने बताया कि मेले में आये विदेशी आयातकों एवं उनके प्रतिनिधियों के रुझान को देखते हुए अगले एक साल में तीन हजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद जगी है। अगला इंडिया कार्पेट एक्सपो 28 से 31 मार्च तक नयी दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र स्थित एनएसआईसी एक्जीबिशन काम्प्लेक्स में लगेगा।
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सीईपीसी प्रशासनिक कमेटी के वरिष्ठ सदस्य उमेश गुप्ता उर्फ मुन्ना ने बताया कि 361 विदेशी ग्राहकों एवं ग्राहकों के 322 प्रतिनिधियों ने विजिट किया। कालीन मेलें में आस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चीली, चाइना, फ्र ांस, जर्मनी, इरान, इटली, जापान, कजाकिस्तान, कोरिया, लिथुनिया, मैक्सिको, नेपाल, रसिया, सिंगापुर, साउथ अफ्र ीका, स्पेन, स्वीडेन, ताइवान, थाईलैंड, टर्की, यूएई, यूके, यूएसए, वियतनाम आदि देशों के ग्राहकों ने मेले में खरीदारी की।
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