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मोदी सरकार में पूंजीपतियों का बोलबाला
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
Updated Tue, 17 Feb 2015 02:16 AM IST
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भूमि अधिग्रहण कानून के मौजूदा मसौदे के खिलाफ सोमवार को राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के अगुवा केएन गोविंदाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में उनके विरोधियों के मंच से हुंकार भरी। कहा कि मोदी सरकार में पूंजीपतियों का बोलबाला है। केंद्र सरकार ने मुठ्ठी भर पूंजीपतियों के दबाव में भूमि अधिग्रहण कानून में ऐसा बदलाव किया है जिससे आने वाले दिनों में खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। यहां वरुणा पूल स्थित शास्त्री घाट पर चल रहे पांच दिवसीय धरना-प्रदर्शन में चौथे दिन गोविंदाचार्य ने केंद्र सरकार पर हल्ला बोला।
गोविंदाचार्य ने लोगों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किसान आंदोलन में शामिल होने की अपील की। कहा कि किसानों के हित में ही देश का हित छिपा हुआ है। आज भी 70 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं लेकिन लागत महंगी और उत्पाद सस्ता होने के कारण किसान कर्ज के बोझ से आत्महत्या करने को मजबूर हैं। कहा कि भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के चलते पूर्वांचल की कई चीनी मीलों पर ताला लटक गया। किसानों के जीवन में आर्थिक सुधार की दृष्टि से गन्ना की खेती महत्वपूर्ण है। बंद चीनी मिलों को चालू किया जाना चाहिए। कहा कि भूमि अधिग्रहण का मौजूदा कानून ऐसा है कि किसानों को अपनी जमीन बचा पाना मुश्कि ल होगा।
सीपीआई के सचिव डा. गिरिश शर्मा ने कहा कि पूर्वांचल के विकास का मामला सभी जनप्रतिनिधियों से जुड़ा है। विकास से जुड़े मुद्दे दल, जाति, संप्रदाय और राजनीति से ऊपर है। सभा को जयराम सिंह, राजेंद्र यादव, विनय राय, देवेंद्र मिश्र, अखिलेश राय, राजदेव यादव ने अपने विचार व्यक्त किए। धरने के अंतिम दिन मंगलवार को 12 बजे के बाद सभी किसान स्वामी सहजानंद सरस्वती का जन्मदिन मनाएंगे। इसके बाद मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे।
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गोविंदाचार्य ने लोगों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किसान आंदोलन में शामिल होने की अपील की। कहा कि किसानों के हित में ही देश का हित छिपा हुआ है। आज भी 70 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं लेकिन लागत महंगी और उत्पाद सस्ता होने के कारण किसान कर्ज के बोझ से आत्महत्या करने को मजबूर हैं। कहा कि भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के चलते पूर्वांचल की कई चीनी मीलों पर ताला लटक गया। किसानों के जीवन में आर्थिक सुधार की दृष्टि से गन्ना की खेती महत्वपूर्ण है। बंद चीनी मिलों को चालू किया जाना चाहिए। कहा कि भूमि अधिग्रहण का मौजूदा कानून ऐसा है कि किसानों को अपनी जमीन बचा पाना मुश्कि ल होगा।
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सीपीआई के सचिव डा. गिरिश शर्मा ने कहा कि पूर्वांचल के विकास का मामला सभी जनप्रतिनिधियों से जुड़ा है। विकास से जुड़े मुद्दे दल, जाति, संप्रदाय और राजनीति से ऊपर है। सभा को जयराम सिंह, राजेंद्र यादव, विनय राय, देवेंद्र मिश्र, अखिलेश राय, राजदेव यादव ने अपने विचार व्यक्त किए। धरने के अंतिम दिन मंगलवार को 12 बजे के बाद सभी किसान स्वामी सहजानंद सरस्वती का जन्मदिन मनाएंगे। इसके बाद मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे।
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