कारोबारियों की मांग: ऑटो मोबाइल पार्ट्स के बाजार को चाहिए तेज रफ्तार, बोले- बेपटरी हो रहा कारोबार
वाराणसी के नदेसर मार्ग पर मोटर पार्ट्स की कई दुकानें हैं। बावजूद इसके यहां के कारोबारी इसलिए परेशान हैं कि इस मार्ग को वनवे कर दिया गया है। इसके साथ ही बैरिकेडिंग भी लगा दी गई है। यहां के कारोबारी अब कहीं और अपना व्यापार करना चाह रहे हैं।
विस्तार
पूर्वांचल की सबसे बड़ी मोटर पार्ट्स की मंडी नदेसर अतिक्रमण और यातायात नियमों की बंदिशों से बेजार होती जा रही है। चौराहे पर बैरिकेडिंग और वनवे व्यवस्था ने कारोबार को बेपटरी कर दिया है। 600 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानों वाले इस नदेसर बाजार में तमाम व्यवधानों और परेशानियों के चलते व्यापारी अब दूसरी तरफ अपना व्यापार शिफ्ट करने को बाध्य हो गए हैं।
बाजार में न तो कहीं पेयजल की व्यवस्था और न ही अच्छी लाइटें लग सकी हैं। शौचालय तो हैं लेकिन साफ-सफाई का अभाव है। रोजाना ढाई से तीन हजार ग्राहकों की आवाजाही वाले इस बाजार में सुरक्षा भी बड़ा मसला है। अतिक्रमण के चलते बाजार में जाम लगता है। अधिकतर दुकानों के सामने पार्किंग की जगह नहीं होने के कारण सड़क पर ही गाड़ियों में एसेसरीज लगाई जाती हैं। इस कारण जाम बढ़ता जाता है।
बोले कारोबारी
नदेसर चौराहे पर बैरिकेडिंग के चलते आपातकालीन स्थिति में भी छूट नहीं मिलती है। मार्केट में प्रवेश वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। चार पहिया वाहनों को नहीं आने दिया जाता है। अतिक्रमण भी हटना चाहिए। - सुजीत गुप्ता, अध्यक्ष, नदेसर-घौसाबाद व्यापार समिति
अंधरापुल से नदेसर आने वाले वाहनों को होटल ताज से घूमकर आना पड़ता है। चौकाघाट से भी वाहन नहीं आ सकते हैं। ऐसे में चौराहों पर थोड़ी छूट मिलनी चाहिए। यातायात नियमों की बंदियों से बाजार बेजार होता जा रहा है। - विनय गुप्ता, अध्यक्ष, वाराणसी मोटर्स पार्ट्स डीलर एसोसिएशन
यातायात डायवर्जन के चलते बाजार की रंगत धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। बाजार में पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। बैरिकेडिंग और डायवर्जन से लोगों को राहत दिलाने की जरूरत है। - अखिलेश सिंह, संरक्षक, नदेसर व्यापार मंडल
वनवे की व्यवस्था में ढिलाई बरतने की जरूरत है। चारों तरफ से वाहनों की आवाजाही पर छूट नहीं मिलेगी तो बाजार कैसे रफ्तार पकड़ेगा। पेयजल की समस्या भी है। अधिकतर श्रमिक भी इस बाजार में काम करते हैं। यातायात में छूट मिले। - शैलेश सिंह, मोटर पार्ट्स व्यापारी, नदेसर