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बुनकरों के सामने रोजी-रोटी का बढ़ा संकट
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वाराणसी। लॉकडाउन के कारण बुनकरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शुक्रवार को आगागंज में मकबूल अहमद मुजद्दीदी के आवास पर बुनकरों की समस्या को दूर करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए इदरीस अंसारी ने कहा कि तीन महीने से लॉकडाउन की वजह से हम बुनकर समाज के लोग जैसे-तैसे उधार और लोगों की मदद से परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। लॉकडाउन में ढील के बाद भी बुनकर समाज को काम नहीं मिल रहा है। गद्दीदारों द्वारा काम नहीं देने से अब परिवार को पालने के लिए पावरलूम और गहनों को बेचना पड़ रहा है। कारीगरों की मजदूरी में भी कटौती की जा रही है। इसके चलते उनके सामने परिवार पालने का संकट गंभीर हो गया है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि वह बुनकरों की हालत को देखते हुए कोई बीच का रास्ता निकालें। बुनकरों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिलाधिकारी से इस सिलसिले में मुलाकात भी करेगा। इस दौरान इम्तियाज अहमद, अल्ताफुर्रहमान, मुहम्मद नसीम नेसार अहमद, फजलुर्रहमान, अहसान अली, लक्ष्मण प्रसाद आदि मौजूद थे।
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बैठक को संबोधित करते हुए इदरीस अंसारी ने कहा कि तीन महीने से लॉकडाउन की वजह से हम बुनकर समाज के लोग जैसे-तैसे उधार और लोगों की मदद से परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। लॉकडाउन में ढील के बाद भी बुनकर समाज को काम नहीं मिल रहा है। गद्दीदारों द्वारा काम नहीं देने से अब परिवार को पालने के लिए पावरलूम और गहनों को बेचना पड़ रहा है। कारीगरों की मजदूरी में भी कटौती की जा रही है। इसके चलते उनके सामने परिवार पालने का संकट गंभीर हो गया है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि वह बुनकरों की हालत को देखते हुए कोई बीच का रास्ता निकालें। बुनकरों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिलाधिकारी से इस सिलसिले में मुलाकात भी करेगा। इस दौरान इम्तियाज अहमद, अल्ताफुर्रहमान, मुहम्मद नसीम नेसार अहमद, फजलुर्रहमान, अहसान अली, लक्ष्मण प्रसाद आदि मौजूद थे।
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