यूपी: पुलिस बल की निगरानी में शम्म ए हुसैनी पर चलने लगा बुलडोजर, कैंपस में चल रहे थे ट्रामा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज, हॉस्टल, कैंटीन और रेस्टोरेंट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में माफिया के खिलाफ हो रही कार्रवाई के बीच योगी सरकार का डंडा शनिवार को जिले में चला। गाजीपुर के वीर अब्दुल हमीद सेतु से सटे शम्म- ए- हुसैनी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर को प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर ढहवा दिया। प्रशासन के अनुसार हास्पिटल गंगा तट से 200 मीटर के दायर में बनाया गया था जो एनजीटी के नियमों का उल्लंघन है। हास्पिटल गिराने की कार्रवाई सुबह नौ बजे से शुरू होकर देर रात तक चलती रही। इस दौरान पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
जिला प्रशासन ने हास्पिटल को खाली कराने के लिए शुक्रवार देर शाम नोटिस जारी करते हुए ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीजों को दूसरी जगह भेजने का निर्देश दिया था। मध्य रात्रि में ही मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्य पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गए और मरीजों को निजी तथा सरकारी एंबुलेंसों से अन्यत्र भेजवाया गया। इस दौरान संचालक व स्टाफ पूरी रात हास्पिटल को खाली करने में जुटा रहा।
शनिवार सुबह पुलिस, पीएसी, कई थानों की फोर्स, चार उपजिलाधिकारी, चार क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में हास्पिटल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इसी बीच वहां पहुंचे अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर गोपीनाथ सोनी ने हास्पिटल को ध्वस्त करने का आदेश दिया और कार्रवाई शुरू हो गई। यह सिलसिला सुबह से शुरू होकर देेर रात तक चला। इस दौरान जिलाधिकारी एमपी सिंह तथा पुलिस कप्तान डा. ओमप्रकाश सिंह कार्रवाई की जानकारी लेते रहे।
एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
बीते आठ अक्तूबर को एसडीएम सदर प्रभास कुमार ने शम्म ए हुसैनी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। इसके लिए प्रबंधन को एक हफ्ते की मोहलत दी गई थी। उपजिलाधिकारी ने यह फैसला राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के नियमों के हवाले से दिया था।
इस नियम के तहत गंगा तट से 200 मीटर के दायरे में किसी तरह के पक्के निर्माण पर पूरी तरह रोक है। एसडीएम ने अपने आदेश में कहा था कि एनजीटी के तय मानक की अनदेखी की गई है। साथ ही गंगा से सटे हास्पिटल का पक्का निर्माण कराया गया है।
डेढ़ एकड़ में बना था हास्पिटल एवं ट्रामा सेंटर
शहर से सटे हमीद सेतु के पास स्थित शम्म-ए- हुसैनी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर का कैंपस डेढ़ एकड़ में फैला हुआ है। कैंपस में नर्सिंग कॉलेज, हॉस्टल, कैंटीन सहित रेस्टोरेंट और एटीएम आदि संचालित हो रहे थे। यहां 100 से अधिक पैरा मेडिकल के छात्र पढ़ाई कर रहे थे। बीते आठ अक्तूबर 2020 को एसडीएम सदर प्रभाष कुमार की कोर्ट ने अवैैध रूप से बने इस हास्पिटल के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था।
जिस पर हास्पिटल संचालक हाईकोर्ट चले गए। वहां से डीएम कोर्ट में वाद दाखिल करने का आदेश जारी हुआ। डीएम एमपी सिंह ने एक बोर्ड का गठन कर दो दिनों तक मामले की सुनवाई करने के बाद अंतत: संचालक का आवेदन खारिज कर दिया।
फैसले के बाद देर रात को हास्पिटल खाली कराने एवं भर्ती मरीजों को अन्यत्र भेजने के लिए नोटिस जारी किया गया। पूरी रात हॉस्पिटल सहित पूरे कैंपस को खाली करने का कार्य जारी रहा। मरीजों को अलग-अलग स्थानों पर भर्ती कराया गया।