Bulldozer Action: बाढ़ खंड की भूमि पर बने भवनों पर चला बुलडोजर, लोगों ने भेदभाव का लगाया आरोप; बढ़ा आक्रोश
Azamgarh News: आजमगढ़ के गुरुटोला क्षेत्र में गुरुवार की सुबह प्रशासनिक अमला दल-बल के साथ पहुंचा था। स्थानीय लोग कुछ समझ पाते तब तक जेसीबी की गड़गड़ाहट शुरू हो गई। दीवाल गिरने लगे। यह देख मौके पर हड़कंप मच गया। लोग हो-हल्ला मचाने लगे। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि तोड़-फोड़ के संबंध में कुछ दिन पूर्व यहां के लोगों को नोटिस दी गई थी।
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आजमगढ़ के गुरुटोला मुहल्ले में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बाढ़ खंड और प्रशासन की टीम जेसीबी मशीन और फोर्स के साथ पहुंची। इसके बाद टीम ने सड़क के किनारे बाढ़ खंड की जमीन पर बने आवासों को ढहाना शुरू कर दिया।
इस दौरान लोग अधिकारियों से मिन्नत करते रहे, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। बाढ़ खंड की जमीनों पर हर जगह अतिक्रमण है। विभाग अपनी ही जगह को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा पा रहा है।
इसी क्रम में दो दिन पहले विभाग द्वारा नगर के गुरुटोला क्षेत्र में सड़क के किनारे आधा दर्जन से अधिक लोगों ने मकान का निर्माण कराकर बाढ़ खंड की जमीन पर कब्जा जमा लिया था, उनको नोटिस जारी कर जमीन को खाली करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन, लोगों ने बाढ़ खंड की नोटिस को हल्के में लिया और जमीन को खाली नहीं किया।
गुरुवार को बाढ़ खंड के अधिकारी तहसीलदार सदर और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही वहां के लोगों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटाने का कार्य शुरू किया तो आनन-फानन में लोग अपने सामानों को घर से बाहर सुरक्षित रखने लगे।
इस दौरान टीम ने कई मकानों को ध्वस्त कर अतिक्रमण को हटाया। वहीं कई मकानों को छोड़ दिया। इस पर वहां मौजूद लोगों में रोष देखने को मिला। लोग प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाने लगे।
बोली महिलाएं
सूर्या ने कही कि दो दिन पहले बाढ़ खंड द्वारा चिन्हीकरण किया गया था। आज यह लोग आए और जल्दी खाली करो-जल्दी खाली करो कहकर घरों को गिराना शुरू कर दिया। हमने कहा कि एक तरफ से गिराते हुए आइए लेकिन हमारी एक न सुनी गई और हमारे घर को गिरा दिया गया।
उर्मिला ने कही कि यहीं पीछे एक सिपाही को नेवासे में जमीन मिली है। उन्होंने हमसे रास्ता मांगा तो हमने रास्ता नहीं दिया गया। जिसके कारण शिकायती पत्र देकर उन्होंने हमारे घरों को गिरवाया है। हम लोगों कही नहीं जाएंगे। हम लोग यहीं मरेंगे पूरे परिवार के साथ।
प्रमिला ने कहा कि अगर गिराना ही था तो सिर्फ दो लोगों का ही गिराना चाहिए था। हमने कहा अगर गिराना है तो सबका गिराइए। क्योंकि सिर्फ दो लोग ही बंधे में नहीं हैं। यहां सभी लोग बंधे में हैं। लेकिन हमारी बात को नहीं सुने और गिरा दिया।
बोले जिम्मेदार
शासन का निर्देश है कि कहीं भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण न होने पाए। इन लोगों द्वारा बाढ़ खंड की जमीन पर कब्जा किया गया था। जिसका दो दिन पूर्व सीमांकन हुआ था। आज अतिक्रमण को हटाया गया है। हमारा यह अभियान अनिवरत जारी रहेगा। - करमवीर सिंह, तहसीलदार सदर।