Budget 2025 Updates : हर महीने 45 हजार से ज्यादा कैंसर मरीजों को मिलेंगी सस्ती दवाएं, लाभदायक है ये जानकारी
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट 2025 को लेकर कहीं उत्साह तो कहीं निराशा दिखी। अधिकतर लोगों का कहना यह है कि आम जन के लिए यह बजट काफी फायदेमंद है। ये बजट स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी सराहनीय है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Budget 2025 Updates : बजट में जीवन रक्षक 36 दवाओं से आयात शुल्क हटा लेने से जरूरी दवाएं सस्ती हो जाएंगी। सबसे ज्यादा फायदा कैंसर के मरीजों को होगा। वाराणसी में हर महीने इलाज के लिए आने वाले करीब 45 हजार लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
बीएचयू और महामना कैंसर संस्थान में हर दिन चलने वाली ओपीडी को मिलाकर वाराणसी के साथ ही पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से 1500 से ज्यादा नए मरीज जांच और इलाज के लिए आते हैं।
आईएमएस बीएचयू में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग, रेडियोथेरेपी विभाग में जांच के बाद मरीजों में कैंसर की पुष्टि होती है। इसके अलावा दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में भी मुख के कैंसर वाले मरीज आते हैं। कुल मिलाकर बीएचयू में ही 500 से ज्यादा नए मरीज हर दिन दिखाने आते हैं।
मिलेगा इसका लाभ
इसमें जरूरत के हिसाब से जांच और फिर कुछ मरीजों की सर्जरी करनी पड़ती है। बजट में जिन 36 दवाओं से टैक्स पर छूट देने का एलान किया गया है, उसका सीधे तौर पर लाभ मरीजों को होगा। कैंसर के विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर एक ऐसा रोग है, जिसमें बीमारी के अनुसार मरीजों को हर महीने 4 हजार से 4 लाख तक की दवाएं खरीदनी पड़ती है। दवाएं सस्ती होने से उनको दवा खरीद पर इसका लाभ मिलेगा।
सर्जरी में भी मिलेगी राहत : बजट में कैंसर की 36 दवाओं से टैक्स में छूट देने से सर्जरी करवाने वाले मरीजों को भी राहत होगी। बीएचयू में हर महीने बड़ी संख्या में सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर, मुंह के कैंसर वाले मरीजों की सर्जरी होती है। इसमें भी डॉक्टर की ओर से 20 से 25 हजार की दवाइयां, उपकरण मंगवाए जाते हैं। अब बजट में की गई इस घोषणा से सर्जरी के समय ली जाने वाली दवाइयां भी सस्ती हो जाएंगी।
बजट में कैंसर मरीजों के लिए सस्ती दवाइयां होने की घोषणा के मद्देनजर आईएमएस बीएचयू के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के प्रो. मनोज पांडेय का कहना है कि 36 तरह की दवाइयों से टैक्स में छूट का सीधा फायदा मरीजों को होगा। जब बाजार में दवाइयां छूट के साथ आएंगी तो मरीजों को खरीदने में भी लाभ होगा।
डे केयर कैंसर सेंटर खुलने से होगी मरीजों को बड़ी राहत
बजट में जिले के सरकारी अस्पतालों में डे केयर सेंटर के खोले जाने के फैसले से मरीजों को बड़ी राहत होगी। यह ऐसा सेंटर होगा, जहां कैंसर मरीजों की कीमोथेरेपी करने के साथ ही सर्जरी की सुविधा भी मौजूद रहेगी। इसके अलावा वह अपनी प्राथमिक जांच भी करवा सकेंगे।
अब तक सरकारी अस्पताल में यह सुविधा न होने से मरीजों को बीएचयू, महामना कैंसर संस्थान सहित अन्य निजी संस्थानों तक भागदौड़ करनी पड़ती है। बीएचयू में ही हर दिन करीब 100 से अधिक मरीजों की कीमोथेरेपी होती है। इसके अलावा महामना कैंसर संस्थान में भी करीब 200 मरीज कीमोथेरेपी करवाने आते हैं।
बजट में जिस तरह सरकारी अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर खोले जाने का एलान किया गया है, उसके अमल में आने के बाद यहां दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर के साथ ही महिला अस्पताल में भी सेंटर खोला जा सकता है।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंसर वाले मरीजों की पहचान के लिए प्राथमिक जांच करने के साथ ही अन्य जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अब बजट में सेंटर खोले जाने के घोषणा से इस अभियान को और बल मिलेगा।
बोले अधिकारी
बजट में दवाइयों पर छूट देने के फैसले से कैंसर के मरीजों को लाभ होगा। उनको सस्ती दवाइयां तो मिल ही जाएंगी, बाजार में भी दवाइयों का स्टॉक पर्याप्त रहेगा। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू
बजट में मखाना और कॉटन को प्रोत्साहित करने के साथ ही आलू को अलग से बजट आवंटित करने से यूपी समेत चार उत्तरी राज्यों के किसानों को काफी फायदा होगा। किसान क्रेडिट कार्ड पर की सीमा तीन से बढ़ाकर पांच लाख करने से पूर्वांचल समेत देश भर के लघु और सीमांत किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। - प्रो. राकेश कुमार सिंह, कृषि अर्थशास्त्री, बीएचयू
विकसित भारत जिन चार महत्वपूर्ण स्तंभों पर नियोजित है, उन सभी स्तंभों का विशेष ख्याल इसमें रखा गया है। चाहे युवा, महिलाएं, गरीब हों और किसान। आयकर की छूट की सीमा को बढ़ाना यह स्पष्ट करता है कि सरकार नौकरी पेशा लोगों और सेवानिवृत्त लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। - प्रो. अरविंद जोशी, समाजशास्त्री व पूर्व डीन, बीएचयू
शून्य गरीबी, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक सार्वभौमिक पहुंच, सार्थक रोजगार के साथ पूरी तरह से कुशल कार्यबल, आर्थिक गतिविधियों में 70 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कृषि क्षेत्र शामिल हैं। इस बजट से समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। - प्रो. एचपी माथुर, मैनेजमेंट संकाय, बीएचयू
बजट में आम लोगों पर बात हुई है। मिनिमम गर्वनमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस की ओर इशारा कर रहा है। ये इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस्ड बजट है। 2021-22 के बाद ये बजट बेहद आउटकम की ओर ले जाएगा। महंगाई 4.5 के बीच में और 2025-26 में जीडीपी 6.3 से 6.8 के बीच में रहेगा। - प्रो. मनीषा मेहरोत्रा, अर्थशास्त्री, बीएचयू
बजट में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। इससे देश का आर्थिक ढांचा भी मजबूत होगा। 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स की छूट बहुत प्रभावी होगी। किसानों और गरीबों के लिए नई पहलों की घोषणा की गई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। - प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति, संस्कृत विश्वविद्यालय
आम बजट 2025 में वित्त मंत्री ने महंगाई से राहत देने वाली घोषणाएं की हैं। नवोन्मेष, समावेशिता और निवेश से देश की आर्थिक गतिविधि के रोडमैप का आधार तैयार होगा। इससे राष्ट्र की ताकत बढ़ेगी। बजट में शिक्षा पर ध्यान दिया गया है। - प्रो. अजीत कुमार शुक्ल, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग, काशी विद्यापीठ
बजट में विकास की गति को तेज करने, समावेशी विकास पर बल देने, टैक्स प्रावधानों में सुधार पर बल के साथ ही मध्यम वर्ग के हितों का ध्यान रखा गया है। बजट में गरीबों, युवाओं, महिलाओं और अन्नदाताओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इससे लोगों को राहत होगी। - डॉ. पारुल जैन, अर्थशास्त्र विभाग, डीएवी पीजी कॉलेज