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गूगल फॉर्म पर सूचना न देने वाले बीएसए व बीईओ रोका जाएगा मई का वेतन
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परिषदीय विद्यालयों में फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के डाटा को गूगल शीट पर मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग ने निदेशक की ओर से दो बिंदुओं पर मांगी गई सूचना अब तक नहीं दी है। जिसको लेकर शिक्षा निदेशक ने सभी बीएसए को दो दिन के भीतर संदिग्ध शिक्षक, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशक जिनके अभिलेख सत्यापन के लिए विश्वविद्यालय भेजे गए हैं उनका नाम सहित विवरण निर्धारित गूगल फॉर्म पर भेजने का निर्देश दिए है। बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि निर्धारित गूगल फॉर्म पर सूचना न देने वाले बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारी का मई माह का वेतन रोक दिया जाएगा।
दरअसल, फर्जी शिक्षकों की जांच के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपदीय समिति का गठन किया गया था। निदेशक ने जनपदीय समिति द्वारा की गई कार्यवाही का संक्षिप्त विवरण 25 मई तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
28 शिक्षकों के खिलाफ चल रही जांच-
एसआईटी ने 2004 से 2014 के बीच प्राथमिक विद्यालयों में चयनित शिक्षकों के अभिलेखों का दोबारा सत्यापन कराने का निर्देश दिया था। इसके तहत परिषदीय विद्यालयों में तैनात 315 शिक्षकों की सूची भेजी गई थी। जिसमें 28 शिक्षकों की डिग्री फर्जी पाई गई थी।
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दरअसल, फर्जी शिक्षकों की जांच के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपदीय समिति का गठन किया गया था। निदेशक ने जनपदीय समिति द्वारा की गई कार्यवाही का संक्षिप्त विवरण 25 मई तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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28 शिक्षकों के खिलाफ चल रही जांच-
एसआईटी ने 2004 से 2014 के बीच प्राथमिक विद्यालयों में चयनित शिक्षकों के अभिलेखों का दोबारा सत्यापन कराने का निर्देश दिया था। इसके तहत परिषदीय विद्यालयों में तैनात 315 शिक्षकों की सूची भेजी गई थी। जिसमें 28 शिक्षकों की डिग्री फर्जी पाई गई थी।
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