डराने के लिए आरएसएस शाखा पर फेंका था बम: पुलिस से आरोपियों ने कहा- गांजा फूंकने पर लोग करते थे विरोध
वाराणसी के पितरकुंडा पोखरी के पास आरएसएस शाखा पर बीते गुरुवार की सुबह सिलसिलेवार तीन सुतली बम फेंका गया था। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने कहा कि लोगों को डराने के लिए बम फेंके था।
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वाराणसी के पितरकुंडा पोखरी के पास आरएसएस शाखा पर सिलसिलेवार तीन सुतली बम फेंकने के आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने संघ के सदस्यों को डराने की नीयत से सुतली बम फेंकने की बात कही है। मुख्य अभियुक्त प्रभुनाथ सिंह और उसके दो सहयोगियों को जेल भेज दिया गया।
सिगरा थाने में प्रेस वार्ता कर वरुणा जोन के एडीसीपी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि बीते 28 अक्तूबर को सुबह करीब छह बजे आरएसएस के शाखा शिविर में विस्फोटक सामग्री फेंककर लोगों को डराने का प्रयास किया गया था। घटना में शाखा संचालक विजय कुमार जायसवाल के हाथ में चोट लगी थी।
मामले की जांच के बाद मऊ निवासी प्रभुनाथ सिंह, उसके सहयोगी जियापुरा के बकरीदू और लल्लापुरा क्षेत्र निवासी मो. इम्तियाज उर्फ बबलू को हबीबपुरा से गिरफ्तार कर लिया गया।
नशाखोरी का विरोध करना पड़ा भारी
एडीसीपी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों पितरकुंडा पोखरी के पास गांजा का सेवन करते थे। इसे लेकर आए दिन वहां व्यायाम करने वाले लोग आपत्ति जताते थे। आरएसएस शाखा शिविर संचालक विजय कुमार जायसवाल ने भी इसका विरोध किया था।
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पूछताछ में आरोपी प्रभुनाथ सिंह ने बताया कि विस्फोटक फेंक कर वहां लोगों के अंदर भय पैदा करना चाहता था। उसे बकरीदू ने सुतली वाला बम लाकर दिया था। प्रेसवार्ता में एसीपी चेतगंज अनिरुद्ध कुमार भी मौजूद रहे। इंस्पेक्टर अनूप कुमार शुक्ला के नेतृत्व में गिरफ्तार करने वाली टीम में एएसआई विजय प्रकाश, प्रकाश सिंह, कांस्टेबल सूरज कुमार भारती और राकेश कुमार शामिल रहे।
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तीन में से एक ही फटा था सुतली बम
सिगरा थाना अंतर्गत पितरकुंडा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पिछले कई वर्षों से शाखा चल रही है। पितरकुंडा तालाब का सुंदरीकरण होने के बाद दो साल से शाखा तालाब किनारे ही लग रही है। इसके पहले यह शाखा समीप के ही साईं मंदिर में लगता था। बीते 28 अक्तूबर की सुबह संघ के रमेशचंद्र, हनुमान, विजय जायसवाल आदि स्वयंसेवक अपनी शाखा लगाए और अभ्यास करने लगे।
इसी बीच चहारदीवारी के बाहर से एक सुतली बम आकर गिरा, इसे देखते ही विजय ने बम को तत्काल तालाब में फेंक दिया। पांच से सात मिनट बाद दूसरा सुतली बम आकर ठीक उसी स्थान पर गिरा लेकिन फटा नहीं। दस से 12 मिनट बाद आया तीसरा बम सीधे विजय के दाहिने हाथ पर गिरा और फट गया। छर्रा लगने से विजय के हाथ से हल्का खून बहने लगा था। स्वयंसेवकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी थी। घटना के चौथे दिन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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