एक महीने बाद घाट पर फिर चले ईंट-पत्थर : सवारी को लेकर भिड़े नाविक, पुलिस ने कई को उठाया; पहुंचे छुड़ाने वाले
Varanasi News : नाविकों में मारपीट और ईंट-पत्थर चलने की सूचना मिलते ही माैके पर पुलिस पहुंच गई। लगभग आधा दर्जन को कोतवाली लाया गया। आरोपियों को छुड़ाने के लिए पैरवी करने वाले भी पहुंच गए। वहीं, पुलिस ने दोनों पक्षों से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के बूंदिपरकोटा घाट का शांत माहाैल उस वक्त टूट गया जब सवारी को लेकर नाविकों के बीच जमकर मारपीट और लाठी डंडा चलने लगा। करीब आधे घंटे तक घाट पर अपरातफरी का माहौल बना हुआ था। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को पकड़ कर थाने ले गई।
थाने पर दोनों पक्षों की ओर से कई पैरवीकार भी पहुंच गए। रात 9:30 बजे तक कोतवाली थाने पर दोनों पक्षों के लोग जमे हुए थे।
बूंदिपरकोटा घाट निवासी पवन साहनी और उसके घर के नितेश व रोहित शाम के वक्त बूंदिपरकोटा घाट पर नाव पर सवारी बैठा रहे थे। तभी वहां बह्माघाट का किशन साहनी, बबलू, कन्हैया, बजरंगी, राजेश, साजन साहनी, प्रिंस पहुंचे और नाव पर सवारी बैठाने को लेकर विवाद करने लगे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच में मारपीट होने लगी। इस दौरान दोनों ओर से जमकर लाठी डंडा और ईंट-पत्थर चला।
इंस्पेक्टर कोतवाली दया शंकर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दिया है। केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करेगी।
अंधी कमाई बन रही विवाद का कारण
काशी में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के बाद नाविकों और नौका संचालन को लेकर गंगा घाटों पर झगड़े की स्थिति बन रही है। दरअसल, पहले के मुकाबले अब काशी में नौका संचालन के नाम पर पर्यटकों से मोटा रकम लिया जाता है। स्थिति यह है कि छोटी नावों को भी तीन हजार से पांच हजार तक में बूकिंग होती है।
इस अंधी कमाई के कारण शहर के राजघाट से लगायत रविदास घाट तक आए दिन नाविकों के बीच मारपीट जैसी घटनाएं होती हैं। वहीं, इस तरह के मामलों में कार्रवाई करने की बजाए लोकल थानों की पुलिस झगड़ा करने वालों में सुलह-समझौता करा कर वापस लौटा देती है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले प्रह्लाद घाट, राजघाट, निषाद राज घाट पर भी नौका संचालन को लेकर नाविकों में मारपीट की घटना हो चुकी है।