Varanasi News: गंगा में नाव संचालन पूरी तरह बंद, काशी के घाट किनारे लगी नावों की कतार; मायूस लौट रहे पर्यटक
वाराणसी में गंगा में नाव का संचालन सोमवार को पूरी तरह बंद है। नाविक समाज के नाविकों ने यह फैसला लिया है कि वे गंगा में नाव का संचालन आज पूरी तरह बंद रखेंगे। ऐसे में सोमवार की सुबह घाट किनारे सभी नावों की कतार लगी रही।
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गंगा में नौका संचालन बंद होने से सोमवार को पर्यटक नौका में बैठक काशी के घाटों का दिदार करने से वंचित रहे। पुलिस उत्पीड़न के विरोध में काशी के 84 घाटों के नाविकों ने नौका संचालन बंद कर दशाश्वमेध घाट पर सभा की और शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
पहले दिन जल पुलिस, नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर वार्ता वार्ता करने का प्रयास किया गया लेकिन नाविकों की मांग बदलते रहने की वजह से वार्ता नतीजे पर नहीं पहुंचे। पहले दिन नाविकों ने शांति भंग के आरोप जेल भेजे गए नाविकों की रिहाई की मांग करते हुए नौका संचालन ठप कर दिया।
सोमवार दोपहर बाद नाविकों की जेल से रिहाई हो गई लेकिन नाविकों का धरना खत्म नहीं हुआ। नाविकों के विरोध का नेतृत्व कर रहे प्रमोद मांझी ने कहा कि दो साल से नावों का लाइसेंस नहीं बना है। नगर निगम नहीं सुन रहा है। ओवरलोड़िग के नाम पर नाविकों के साथ अभद्रता किया जा रहा है।
कहा कि जब नाविक लाइफ जैकेट पहनाकर पर्यटकों को नाव में बैठा रहे हैं तब उन्हें ओवरोडिंग के नाम पर उत्पीड़न क्यों किया जा रहा है। किसी भी घटना दुर्घाटना के लिए नाविकों के साथ अभद्रता की जाती है।
ओवरलोडिंग जब्त नाव छोड़ने की मांग पर अडे नाविक
नौका संचालन बंद कर धरना दे रहे नाविक अब ओवरलोड़िग के आरोप में जब्त नाव छोडवाने की मांग पर अड़ गए है। मां गंगा निषादराज सेवा न्यास के अध्यक्ष प्रमोद मांझी ने कहा कि जबतक जब्त नाव नहीं छोड़ा जाता तबक नाविकों नौका संचालन शुरू नहीं करेंगे।
जल पुसिल प्रभारी एसआर गौतम ने बताका कि ओवलोडिंग नाव के खिलाफ मुमदमा दर्ज है। अब कोर्ट से ही इसपर कुछ होगा। कई बार बातची हो चुकी लेकिन नाविक लगातार मांग बदल रहे हैं।