अमर उजाला फाउंडेशन की पहलः कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान शिविर आयोजित, लोगों ने बढ़-चढ़कर की भागीदारी
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल पर बीएचयू में आयोजित रक्तदान शिविर में शिक्षकों, कर्मचारियों के साथ ही युवाओं ने भी रक्तदान किया। इस दौरान रक्तदाताओं को फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र मौके पर ही दिया गया।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कारगिल विजय दिवस पर सोमवार को बीएचयू में आयोजित रक्तदान शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। कोरोना प्रोटोकॉल के साथ हुए शिविर में आए 50 लोगों में 34 लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंदों की जान बचाने का संकल्प लिया। बीएचयू राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यालय पर बीएचयू ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित शिविर का उद्घाटन कर चीफ प्रॉक्टर प्रो. आनंद चौधरी ने किया।
रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कोरोना काल में उनके प्रयास को सराहा। कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है। उधर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बाला लखेंद्र की देखरेख में स्वयंसेवकों ने भी रक्तदान किया। सपा नेता अमन यादव के नेतृत्व में भी युवाओं ने बीएचयू पहुंचकर रक्तदान किया।
बीएचयू ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. संदीप कुमार ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान की वजह से ही जरूरत पड़ने पर बिना डोनर वाले मरीज को खून की जरूरत पड़ने पर उसकी मदद की जा सकती है। एक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान जरूर करना चाहिए। इस दौरान बीएचयू के शिक्षकों, कर्मचारियों के साथ ही युवाओं ने भी रक्तदान किया। इस दौरान रक्तदाताओं को फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र मौके पर ही दिया गया।
रक्तदान शिविर में इन लोगों की रही अहम भूमिका
रक्तदान से बड़ा महादान भी कुछ नहीं
डीएलडब्ल्यू की पाखी सिंह ने कहा कि रक्तदान करने से पहले थोड़ा सा डर जरूर लग रहा था लेकिन रक्तदान करने के बाद जो सुकून मिल रहा है, उसे शब्दों में बया नहीं कर सकती हूं। बहुत अच्छा लग रहा है।
जंसा के विशाल मौर्या ने कहा कि हर साल अपने जन्मदिन पर रक्तदान करता हूं। कोरोना काल में भी यह क्रम जारी रहा। खुद रक्तदान करने के साथ ही दोस्तों को भी इसके लिए प्रेरित करते रहता हूं।
बीएचयू के डॉ. राजीव प्रताप सिंह ने कहा कि रक्तदान करने के बाद जो खुशी मिलती है, उसका कोई मोल नहीं है। हर साल कारगिल विजय दिवस पर होने वाले शिविर का इंतजार रहता है। रक्तदान से बड़ा महादान भी कुछ नहीं है।
चिकित्साधिकारी डॉ. अतुल सिंह ने कहा कि रक्तदान का सेहत पर कोई दुष्प्रभाव कभी नहीं पड़ता है। मुझे भी कोई परेशानी नहीं है। कोरोना काल में तो लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की जरूरत है।