ब्लैक फंगस: वाराणसी में तेजी से बढ़ रहे मरीज,अब तक 25 से अधिक मामले, तीन का हो चुका है ऑपरेशन
कोरोना संक्रमण से जूझ रहे वाराणसी में ब्लैक फंगस इंफेक्शन ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। बीएचयू अस्पताल में अब तक 25 मामले सामने आ चुके हैं। तीन मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है तो वहीं एक की जान भी गई है।
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वाराणसी में ब्लैक फंगस वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। अब तक बीएचयू अस्पताल में ऐसे 25 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं,जिसमें डॉक्टरों ने 3 मरीजों के ऑपरेशन भी किया है। ऑपरेशन के बाद बिहार की एक 50 वर्षीय महिला की मौत भी हो चुकी है। शनिवार को छह और मरीजो ने ऑनलाइन परामर्श लिया है।
कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इनके ऑपरेशन का फैसला किया जाएगा। बीएचयू ईएनटी डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एसके अग्रवाल ने बताया कि ऑपरेशन के बाद दो मरीज भर्ती हैं,जिनकी सेहत की निगरानी की जा रही है। बताया कि शनिवार को भी 6 मरीजों को ऑनलाइन परामर्श दिया गया है।
उन्हें कोरोना जांच कराने और रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद अस्पताल बुलाया गया है। अग्रवाल ने बताया कि रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही मरीजों के ऑपरेशन का फैसला लिया जाएगा। इधर लोगों मे इस बीमारी को लेकर लोगो मे जागरूकता भी बढ़ती जा रही है।
इस दौरान ब्लैक फंगस की संभावना अधिक
ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को लेकर अब शासन,प्रशासन की ओर से लोगों को जागरुक किया जा रहा है। बहुत से लोग इसे कोरोना संक्रमित होने के बाद की बीमारी मान रहे हैं लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान भी इस बीमारी की संभावना बढ़ रही है। बीएचयू ईएनटी डिपार्टमेंट के चिकित्सक डॉ. एसके अग्रवाल के मुताबिक कोरोना काल मे पहले से शुगर,बीपी वाले संक्रमित मरीजो के अलावा सामान्य मरीजो को भी ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
डॉक्टर अग्रवाल ने बातचीत में बताया कि पहले से शुगर बीपी सहित अन्य बीमारियों के मरीज जिन्हें कोरोना का संक्रमण हैं। उनका आईसीयू में इलाज के दौरान स्ट्रायड भी अधिक दिया जाता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से कम होने के साथ ही उनका शुगर भी अनियंत्रित होने लगता है उनमें ब्लैक फंगसहोने की ज्यादा होने की संभावना रहती है। बताया खाना खाने के बाद अगर शुगर 150 से कम रहना चाहिए। अगर इससे अधिक हो तो तुरन्त डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
हवा में भी फंगस के होने की संभावना अधिक
डॉक्टर एसके अग्रवाल के मुताबिक़ जिस तरह से अध्ययन चल रहे हैं उसके मुताबिक इसके हवा में भी होने की जानकारी है। आमतौर पर कूड़ा इकट्ठा होने वाले स्थल, पेड़ों की कटान वाले स्थल के साथ ही अन्य जगहों पर ब्लैक फंगस के स्रोत अधिक है। ऐसे में लोगों को कोरोना काल मे इसको लेकर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगर इम्युनिटी अधिक है तो इसका खतरा कम रहेगा।
मास्क ब्लैक फंगस से बचने का सही उपाय
डॉ एसके अग्रवाल ने बताया कि जिस तरह से ब्लैक फंगस के मामले बढ़ते जा रहे है,उससे बचाव में मास्क बहुत उपयोगी होगा। अगर बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग किया जा रहा है, जिस तरह से इसके हवा में होने के प्रमाण मिल रहे हैं उससे इस बीमारी के बहुत हद तक बचा जा सकता है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान समय में बीएचयू इमरजेंसी में 2 मरीज अभी भर्ती हैं और उनका भी ऑपरेशन किया जाना है। बताया कि मरीजों के कोरोना जांच का सैंपल तो चला गया है अभी उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। बताया कि रिपोर्ट आने के बाद ऑपरेशन किया जाएगा।