यूपी: लोकतंत्र की मजबूती का नजारा, सब्जी विक्रेता पिता से लिपट कर रो पड़े भाजपा उम्मीदवार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नामांकन से पहले नगर के आरएस प्लाजा में नामांकन जुलूस का कार्यक्रम था। यहां पर भाजपा प्रत्याशी विजय राजभर के स्वागत के लिए स्थानीय लोग और मुहल्ले के लोग उनको आशीर्वाद देने पहुंच गए थे। इसी दौरान वहां उनके पिता भी बेटे को आशीर्वाद देने के लिए हाथ में माला लेकर पहुंचे थे, उन्हें देखते ही विजय उनके पास पहुंचे और पैर छूते हुए उनके पैरों को पकड़क कर फूट-फूट कर रोने लगे। इसी दौरान उनके पिता भी अपने पर काबू न रख सके और खुद भी फूट-फूट कर रोने लगे।
पिता-पुत्र के इस मिलन और भावुकता को देखकर पूरा वातावरण भी भावुक हो गया। सभी की आंखें भर आईं। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने उन्हें उठाकर ढांढस बंधाया तो दूसरे कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने प्रत्याशी पिता को माला पहनाकर उन्हें प्रणाम किया।
विजय राजभर मूल रूप से मऊ शहर के सहादतपुरा मोहल्ले का निवासी है, इनके पिता नंदलाल राजभर आजमगढ़ मोड़ स्थित ओवर ब्रिज के नीचे सब्जी की दुकान लगाते हैं, वर्ष 2015 में डीसीएसके महाविद्यालय से स्नातक करने के बाद विजय राजभर पूरी तरह से भाजपा की राजनीति करने लगे।
इस दौरान दुर्ग विजय राज जब जिला अध्यक्ष बने तो उन्हें अपनी जिला इकाई में विजय राजभर को महामंत्री का दायित्व सौपा। तब से विजय राजभर भाजपा की राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय हुए। बताते चलें विजय राजभर वर्ष 2012 की नगर पालिका चुनाव में सहादतपुरा मोहल्ले से निर्दलीय सभासद निर्वाचित हुए थे।
इसके बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की वर्ष 2015 में विजय की सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें नगर अध्यक्ष का दायित्व सौंपा वर्ष 2017 के नगर पालिका चुनाव में विजय राजभर ने चेयरमैन पद पर चुनाव लड़ने के लिए पार्टी से टिकट की मांग की थी लेकिन इस दौरान उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
नगर अध्यक्ष भाजपा रहने के दौरान विजय राजभर दुर्गा पूजा महासमिति मऊ के महामंत्री भी रहे, 31 वर्षीय विजय राजभर की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक नहीं है, इसके बाद भी भाजपा ने घोसी विधानसभा में होने वाले उपचुनाव में विजय राजभर को चुनाव मैदान में उतारा है।