अपहरण कांड में बड़ा खुलासा: दो सगे भाइयों ने सिद्धार्थ की हत्या कर निर्माणाधीन मकान में दबाया, पुलिस ने निकाली लाश
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चंदौली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के बिछिया कलां गांव निवासी सिद्धार्थ जायसवाल उर्फ बीरू के अपहरण के मामले में शुक्रवार की देर रात पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बिछिया में निर्माणाधीन एक मकान से जमीन के अंदर गड़े सिद्धार्थ के शव को बरामद कर लिया है।
वहीं सिद्धार्थ की हत्या के मामले में अमित खरवार और उसके छोटे भाई कन्हैया खरवार को भी गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार की देर रात पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि हत्या के आरोप से बचने और लोगों को गुमराह करने के लिए दोनों आरोपी युवकों ने अपहरण की घटना की साजिश रच रहे थे। वह सिद्धार्थ के मोबाइल से कभी 20 लाख तो कभी 25 और 50 लाख रुपये तक की फिरौती परिवार वालों से मांग रहे थे।
एसपी ने बताया कि कंदवा थाना क्षेत्र के अमरा निवासी रामजन्म खरवार बिछिया कलां में एक नए मकान का निर्माण करा रहे हैं। राम जन्म वर्तमान में प्रतापगढ़ के एक ब्लॉक में कनिष्ठ लिपिक पद पर तैनात हैं। मंगलवार की दोपहर अमित खरवार के मकान में सिद्धार्थ और अमित का छोटा भाई कन्हैया साथ में ही बैठकर शराब पी रहे थे।
इसी दौरान अमित ने सिद्धार्थ को सिगरेट लाने के लिए कहा। शराब के नशे में धुत अमित की बात न मानते हुए सिद्धार्थ ने सिगरेट लाने से इंकार कर दिया। जिस पर दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं होने लगी। बात बढ़ने पर सलाद काटने वाले चाकू से अमित ने सिद्धार्थ के ऊपर हमला कर दिया।
इसके बाद अमित और कन्हैया ने निर्माणाधीन मकान में बने गड्ढे में अमित के शव को ढक दिया। थोड़ी देर बाद बाजार से नमक लाकर उसके अंदर डालकर मिट्टी से दबा दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए अमित और कन्हैया ने सिद्धार्थ के मोबाइल को लेकर अलीनगर थाना क्षेत्र के सिंघीताली के पास मोबाइल ऑन किया और उसके परिवार के लोगों को फोन करके अपहरण की जानकारी दी।
साथ ही 20 लाख की फिरौती की मांग गुरुवार को सिद्धार्थ के पिता नंदलाल जायसवाल से की। अपहरण की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। गुरुवार को सिद्धार्थ के पिता नंदलाल ने बेटे के अपहरण और फिरौती मांगने की तहरीर सदर कोतवाली में दी। इसके बाद लुलिस मुकदमा दर्ज कर तलाश में जुट गई थी।