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Sirmour News: मोगीनंद में बेकाबू ट्राले का कहर, एक के बाद एक तीन वाहनों को मारी टक्कर
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स्कॉर्पियो का टायर फटा; संकरी सड़क पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। कालाअंब-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर मोगीनंद के समीप मंगलवार सुबह एक बेकाबू ट्राले ने एक के बाद एक तीन वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में वाहन सवार लोग बाल-बाल बच गए, जबकि छोटे वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक स्कॉर्पियो का टायर तक फट गया। हादसे के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, दुर्घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। फिलहाल पुलिस में शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है।
हादसा सुबह करीब साढ़े नौ बजे फोनिक्स उद्योग के समीप हुआ। ट्राला पांवटा साहिब की ओर से कालाअंब की तरफ आ रहा था। इसी दौरान सामने से नाहन की ओर जा रहे वाहनों को उसने अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद ट्राला चालक मौके पर रुकने के बजाय फरार होने लगा, लेकिन क्षतिग्रस्त वाहनों के मालिकों ने पीछा कर कुछ दूरी पर ट्राले को पकड़ लिया।
हादसे के बाद वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए। लोगों के अनुसार, हादसे वाले स्थान पर इन दिनों डंगे का निर्माण किया जा रहा है और सड़क किनारे रेत-बजरी के ढेर लगाए गए हैं। इससे हाईवे का एक हिस्सा काफी संकरा हो गया है और कई जगह वाहनों की आवाजाही सिंगल लेन जैसी स्थिति में हो रही है।
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वाहन चालकों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा संकेतक नहीं लगाए गए हैं। यातायात को नियंत्रित करने के लिए दोनों तरफ कर्मचारियों की तैनाती भी नहीं है। ऐसे में तेज रफ्तार भारी वाहन और सामने से आने वाला यातायात इस हिस्से को हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील बना रहा है।
स्थानीय लोगों राजेश, प्रीतम, शाहरुख, बलवंत, गुड्डू और लाल सिंह ने बताया कि मोगीनंद के इस हिस्से में पहले भी अनियंत्रित ट्रालों से हादसे हो चुके हैं। कई बार रेत-बजरी से भरे ट्राले उद्योग की दीवार के समीप पलट चुके हैं, जबकि सड़क किनारे खड़ी बाइकें भी इनकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुई हैं। लोगों ने मांग की है कि निर्माण सामग्री को सड़क से व्यवस्थित तरीके से हटाया जाए, पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाए जाएं और जरूरत के अनुसार यातायात कर्मियों की तैनाती की जाए। लोगों ने चेताया कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो यह संकरा हिस्सा किसी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है।
बार-बार हादसों के बावजूद नहीं बदले हालात
मोगीनंद का यह हिस्सा लंबे समय से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण संवेदनशील बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी रेत-बजरी से भरे कई ट्राले अनियंत्रित होकर पलट चुके हैं। कई घटनाओं में सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण, निर्माण स्थल पर सुरक्षा संकेतक और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत नहीं होने के कारण हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। कालाअंब-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर मोगीनंद के समीप मंगलवार सुबह एक बेकाबू ट्राले ने एक के बाद एक तीन वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में वाहन सवार लोग बाल-बाल बच गए, जबकि छोटे वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक स्कॉर्पियो का टायर तक फट गया। हादसे के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, दुर्घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। फिलहाल पुलिस में शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है।
हादसा सुबह करीब साढ़े नौ बजे फोनिक्स उद्योग के समीप हुआ। ट्राला पांवटा साहिब की ओर से कालाअंब की तरफ आ रहा था। इसी दौरान सामने से नाहन की ओर जा रहे वाहनों को उसने अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद ट्राला चालक मौके पर रुकने के बजाय फरार होने लगा, लेकिन क्षतिग्रस्त वाहनों के मालिकों ने पीछा कर कुछ दूरी पर ट्राले को पकड़ लिया।
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हादसे के बाद वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए। लोगों के अनुसार, हादसे वाले स्थान पर इन दिनों डंगे का निर्माण किया जा रहा है और सड़क किनारे रेत-बजरी के ढेर लगाए गए हैं। इससे हाईवे का एक हिस्सा काफी संकरा हो गया है और कई जगह वाहनों की आवाजाही सिंगल लेन जैसी स्थिति में हो रही है।
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वाहन चालकों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा संकेतक नहीं लगाए गए हैं। यातायात को नियंत्रित करने के लिए दोनों तरफ कर्मचारियों की तैनाती भी नहीं है। ऐसे में तेज रफ्तार भारी वाहन और सामने से आने वाला यातायात इस हिस्से को हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील बना रहा है।
स्थानीय लोगों राजेश, प्रीतम, शाहरुख, बलवंत, गुड्डू और लाल सिंह ने बताया कि मोगीनंद के इस हिस्से में पहले भी अनियंत्रित ट्रालों से हादसे हो चुके हैं। कई बार रेत-बजरी से भरे ट्राले उद्योग की दीवार के समीप पलट चुके हैं, जबकि सड़क किनारे खड़ी बाइकें भी इनकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुई हैं। लोगों ने मांग की है कि निर्माण सामग्री को सड़क से व्यवस्थित तरीके से हटाया जाए, पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाए जाएं और जरूरत के अनुसार यातायात कर्मियों की तैनाती की जाए। लोगों ने चेताया कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो यह संकरा हिस्सा किसी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है।
बार-बार हादसों के बावजूद नहीं बदले हालात
मोगीनंद का यह हिस्सा लंबे समय से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण संवेदनशील बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी रेत-बजरी से भरे कई ट्राले अनियंत्रित होकर पलट चुके हैं। कई घटनाओं में सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण, निर्माण स्थल पर सुरक्षा संकेतक और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत नहीं होने के कारण हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।