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एनआरआई सम्मेलनः भारत की अर्थव्यवस्था में प्रवासियों का बड़ा योगदान
Mon, 21 Jan 2019 11:22 AM IST
shashikant misra
शशांक मिश्र,अमर उजाला,वाराणसी
शशांक मिश्र,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: shashikant misra
Updated Mon, 21 Jan 2019 11:22 AM IST
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दुनिया भर में बसे प्रवासी विदेशी मुद्रा भेजकर भारत की आर्थिक तरक्की में अहम योगदान निभाते हैं। यही कारण है कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन के जरिए भारत सरकार प्रवासियों को न सिर्फ यहां की धरती से जुड़ाव देगी, बल्कि उनका मान भी बढ़ाएगी। प्रवासी अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा भारत भेजते हैं।
2018 की ही बात करें तो विदेश में काम करने वाले भारतीयों ने 79, 450 मिलियन डॉलर स्वदेश भेजे हैं। यह हिस्सा भारत की जीडीपी का 2.8 प्रतिशत है। ऐसे प्रवासियों का हवाला देकर सरकार उन्हें यहां निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी और नए भारत के नर्माण में उनकी संभावनाओं को बताएगी।
अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया, जापान सहित दुनियाभर में बसे लाखों भारतीय वहां नौकरी और व्यापार करते हैं। ये प्रवासी उन देशों की अर्थव्यवस्था में योगदान देने के साथ ही हर साल भारत में अपनी कमाई का एक हिस्सा भी भेजते हैं।
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यह तथ्य है कि दुनिया में भारत उन देशों में है, जहां के बाहर रहने वाले नागरिक सबसे ज्यादा पैसा अपने देश में भेजते हैं। चीन इस मामले में बहुत पीछे है। विदेश में रहने वाले चीनी नागरिकों ने 2018 में अपने देश में 67,414 मिलियन डॉलर भेजे हैं। यह हिस्सा चीन की जीडीपी का 0.5 प्रतिशत है। यही कारण है कि प्रवासियों के जरिए नए भारत के निर्माण की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो तीन दिन में वाराणसी सहित देशभर में पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होने की उम्मीद है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उद्योगों को दी जाने वाली सहूलियतों और सुविधाओं का प्रचार-प्रसार इनके बीच किया जा रहा है।
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2018 की ही बात करें तो विदेश में काम करने वाले भारतीयों ने 79, 450 मिलियन डॉलर स्वदेश भेजे हैं। यह हिस्सा भारत की जीडीपी का 2.8 प्रतिशत है। ऐसे प्रवासियों का हवाला देकर सरकार उन्हें यहां निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी और नए भारत के नर्माण में उनकी संभावनाओं को बताएगी।
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अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया, जापान सहित दुनियाभर में बसे लाखों भारतीय वहां नौकरी और व्यापार करते हैं। ये प्रवासी उन देशों की अर्थव्यवस्था में योगदान देने के साथ ही हर साल भारत में अपनी कमाई का एक हिस्सा भी भेजते हैं।
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यह तथ्य है कि दुनिया में भारत उन देशों में है, जहां के बाहर रहने वाले नागरिक सबसे ज्यादा पैसा अपने देश में भेजते हैं। चीन इस मामले में बहुत पीछे है। विदेश में रहने वाले चीनी नागरिकों ने 2018 में अपने देश में 67,414 मिलियन डॉलर भेजे हैं। यह हिस्सा चीन की जीडीपी का 0.5 प्रतिशत है। यही कारण है कि प्रवासियों के जरिए नए भारत के निर्माण की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो तीन दिन में वाराणसी सहित देशभर में पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होने की उम्मीद है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उद्योगों को दी जाने वाली सहूलियतों और सुविधाओं का प्रचार-प्रसार इनके बीच किया जा रहा है।
दस वर्ष में प्रवासियों की आर्थिक भागीदारी
वर्ष धनराशि
2009 49,204
2010 53,480
2011 62,499
2012 68,821
2013 69,970
2014 70,389
2015 68,910
2016 62,744
2017 68,967
2018 79,450
(धनराशि मिलियन डॉलर में)
2009 49,204
2010 53,480
2011 62,499
2012 68,821
2013 69,970
2014 70,389
2015 68,910
2016 62,744
2017 68,967
2018 79,450
(धनराशि मिलियन डॉलर में)