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सारनाथ पहुंचीं भूटान की राजकुमारी, बुद्ध अस्थि दर्शन कर हुईं अभिभूत
Wed, 09 Jan 2019 10:00 PM IST
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न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: utpal utpal
Updated Wed, 09 Jan 2019 10:00 PM IST
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सारनाथ स्थित मूलधन कुटी पहुंची राजकुमारी
- फोटो : अमर उजाला
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सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी बिहार में बुधवार को भूटान की राजकुमारी देचान वांग्मय वांगचुक अपने 10 सदस्य दल के साथ भ्रमण पर आईं। राजकुमारी का स्वागत महाबोधी सोसायटी ऑफ इंडिया के महासचिव शिवली थेरो ने खाता भेंट कर किया।
इसके बाद सभी अतिथि बोधि वृक्ष के नीचे बैठ ध्यान किए, उसके बाद मूलगंध कुटी बिहार में रखें भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि का दर्शन कर भाव विभोर हो गई। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे तो सारनाथ मेरा तीन बार आना हुआ है, लेकिन पहली बार में भगवान बुद्ध के अस्थि दर्शन कर पाई।
जैसे ही मंदिर से राजकुमारी अपने दल के साथ बाहर निकली बाहर खड़े भूटान से आए यात्री अपने राजकुमारी को अपने बीच में पाकर सम्मान के साथ अपने सिर को झुका लिए राजकुमारी भी तुरंत अपने लोगों के पास जाकर हाथ मिलाकर अभिवादन स्वीकार किया।
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इसके बाद यह भूटानी राजकीय दल पुरातत्व खंडहर परिसर में बने अति प्राचीन व पवित्र धमेख स्तूप पर गया, जहां पर राजकुमारी देचान वांग्मय वांगचुक ने धमेख स्तूप की तीन बार परिक्रमा कर पूजा अर्चना की।
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इसके बाद सभी अतिथि बोधि वृक्ष के नीचे बैठ ध्यान किए, उसके बाद मूलगंध कुटी बिहार में रखें भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि का दर्शन कर भाव विभोर हो गई। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे तो सारनाथ मेरा तीन बार आना हुआ है, लेकिन पहली बार में भगवान बुद्ध के अस्थि दर्शन कर पाई।
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जैसे ही मंदिर से राजकुमारी अपने दल के साथ बाहर निकली बाहर खड़े भूटान से आए यात्री अपने राजकुमारी को अपने बीच में पाकर सम्मान के साथ अपने सिर को झुका लिए राजकुमारी भी तुरंत अपने लोगों के पास जाकर हाथ मिलाकर अभिवादन स्वीकार किया।
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इसके बाद यह भूटानी राजकीय दल पुरातत्व खंडहर परिसर में बने अति प्राचीन व पवित्र धमेख स्तूप पर गया, जहां पर राजकुमारी देचान वांग्मय वांगचुक ने धमेख स्तूप की तीन बार परिक्रमा कर पूजा अर्चना की।