Varanasi: बीएचयू कुलपति ने की अपील, दुनिया भर के छात्र- प्रोफेसर यहां आएं पढ़ाई में बढ़ाएंगे एआई का इस्तेमाल
Varanasi News: बीएचयू के नव नियुक्त कुलपति प्रो. अजीत चतुर्वेदी ने कहा कि पढ़ाई में एआई का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के किसी भी कोने में हों आपको बीएचयू में आकर पढ़ने और पढ़ाने के लिए अवसर तलाशना चाहिए।
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कुलपति का कार्यकाल ग्रहण करने के बाद प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने पहली प्रेस वार्ता में कहा कि भले ही मेरा ज्यादातर पेशेवर जीवन आईआईटी जैसे संस्थानों के साथ बीता है, लेकिन बीएचयू लौटकर कुलपति के रूप में सेवा देना मेरे लिए एक भावनात्मक क्षण है। क्योंकि यही वह स्थान है, जहां से तीन दशक लंबे जीवन की शुरुआत हुई थी।
बृहस्पतिवार को केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष-1 में कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा, एक बाहरी ने नाते कह सकता हूं कि यहां का रिसर्च इकोसिस्टम बहुत मजबूत है। इसका प्रभाव राष्ट्र स्तर या इससे भी बाहर है। शोध, जर्नल, पेटेंट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और स्टार्टअप्स के इन्क्यूबेशन को बेहतर करेंगे। शिक्षक क्लासरूम में छात्रों के सवालों को पूरा सुनकर उनका एक-एक जवाब दें।
अध्यापन और क्लासरूम में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को अपनाकर आगे बढ़ना है। यही समय की मांग है। बीएचयू की ग्लोरी को ऊपर लेकर जाना है। भारत के किसी भी कोने में हों आपको बीएचयू में आकर पढ़ने और पढ़ाने के लिए अवसर तलाशना चाहिए। दुनिया भर के छात्रों और प्रोफेसरों को बीएचयू में आकर अध्ययन-अध्यापन की अपील की।
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पुरा छात्रों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे
बीएचयू के पुरातन विद्यार्थी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। वे विश्वविद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं और इसे बहुत सम्मान के साथ देखते हैं। वे हमेशा बीएचयू से जुड़ी सकारात्मक खबरें सुनने को इच्छुक रहते हैं। हमें पुरातन छात्रों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करनी चाहिए।
संस्थापक से प्रेरणा लेकर बाधाएं करेंगे पार
कुलपति ने कहा, ज्ञान और अनुसंधान के इस विशिष्ट केंद्र को बीते 100 वर्षों से अधिक समय में कई महान शिक्षाविदों ने आकार दिया। अब यह वर्तमान नेतृत्व टीम की जिम्मेदारी है कि वह इस परंपरा को आगे बढ़ाए। विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को और ऊंचाइयों तक ले जाए। हमें अपने संस्थापकों से प्रेरणा लेकर अपने मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को पार करना होगा।