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राष्ट्रपति तक पहुंची बीएचयू कुलपति की शिकायत, सोशल मीडिया पर बयानबाजी तेज
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:14 PM IST
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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी की शिकायत प्रधानमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी के बाद अब राष्ट्रपति तक पहुंच गई है। आजमगढ़ निवासी शिकायतकर्ता हरिकेश बहादुर सिंह की शिकायत पर राष्ट्रपति सचिवालय ने जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में सचिवालय ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को मामलेे में विधिक कार्रवाई करने का पत्र जारी किया है। इस आशय का पत्र गुरुवार दोपहर से ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
जिस तरह से कुलपति को लेकर शिकायतों पर शिकायत होती जा रही है, उसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जहां विश्वविद्यालय से जुड़े लोग इसे कुछ लोगों की साजिश बता रहे हैं वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाने वाले भी कम नहीं है।
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राष्ट्रपति से शिकायत का जहां तक मामला है तो हरिकेश बहादुर ने 22 फरवरी 2017 को राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में कुलपति की शिकायत की थी। सूत्रों की माने तो मामला एक निजी कॉलेज के निर्माण में आर्थिक सहायता से जुड़ा होना बताया जा रहा है।
23 अगस्त को राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से सेक्शन आफिसर प्रियंवदा रिथीश की ओर से जारी पत्र में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मामले में विधिक कार्रवाई की बात कही गई है।
मामले में बीएचयू के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए विश्वविद्यालय की बढ़ती साख और कुलपति की साफ सुथरी छवि को बदनाम करने में लगे हैं। यह सोची समझी साजिश है।
सोशल मीडिया पर भी वायरल कर भ्रांतियां फैला रहे हैं। इस तरह का कृत्य पूरी तरह से असत्य, निंदनीय और खेदजनक है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस तरह के मनगढंत शिकायतों से कोई सारोकार नहीं करता।
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इस मामले में सचिवालय ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को मामलेे में विधिक कार्रवाई करने का पत्र जारी किया है। इस आशय का पत्र गुरुवार दोपहर से ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
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जिस तरह से कुलपति को लेकर शिकायतों पर शिकायत होती जा रही है, उसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जहां विश्वविद्यालय से जुड़े लोग इसे कुछ लोगों की साजिश बता रहे हैं वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाने वाले भी कम नहीं है।
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राष्ट्रपति से शिकायत का जहां तक मामला है तो हरिकेश बहादुर ने 22 फरवरी 2017 को राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में कुलपति की शिकायत की थी। सूत्रों की माने तो मामला एक निजी कॉलेज के निर्माण में आर्थिक सहायता से जुड़ा होना बताया जा रहा है।
23 अगस्त को राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से सेक्शन आफिसर प्रियंवदा रिथीश की ओर से जारी पत्र में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मामले में विधिक कार्रवाई की बात कही गई है।
मामले में बीएचयू के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए विश्वविद्यालय की बढ़ती साख और कुलपति की साफ सुथरी छवि को बदनाम करने में लगे हैं। यह सोची समझी साजिश है।
सोशल मीडिया पर भी वायरल कर भ्रांतियां फैला रहे हैं। इस तरह का कृत्य पूरी तरह से असत्य, निंदनीय और खेदजनक है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस तरह के मनगढंत शिकायतों से कोई सारोकार नहीं करता।