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अस्पताल परिसर में भी लग रहा जाम, खतरे में मरीजों की जान
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वाराणसी। शहर के जाम से निकलकर किसी तरह बीएचयू अस्पताल पहुंचे मरीजों को अब वहां भी जाम से परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से सर सुंदरलाल अस्पताल के मेन गेट से लेकर ओपीडी तक बेतरतीब वाहन खड़े रहते हैं। मरीजों को लेकर अस्पताल परिसर पहुंची एंबुलेंस वहां भी जाम में फंस जाती है और मरीज की जान को खतरा बढ़ जाता है।
दूरदराज से बेहतर इलाज का सपना लिए हर दिन करीब पांच हजार लोग बीएचयू अस्पताल आते हैं। ओपीडी से लेकर वार्ड और बाहर तक खूब भीड़ होती है। ओपीडी के बाहर जिसको जहां जगह मिलता है, वह वहीं पर गाड़ी खड़ी कर चादर बिछाकर लेट जाता है या फिर बैठ जाता है। इस वजह से रास्ता या तो जाम हो जाता है या संकरा हो जाता है। आसपास के जिलों से एंबुलेंस से आने वाले मरीजों को इस वजह से खासी परेशानी होती है। अस्पताल परिसर में गाड़ी खड़ी करने के लिए तीन स्टैंड भी बने हैं लेकिन बहुत से लोग गाडि़यां सड़कों पर इधर-उधर ही खड़ा कर देते हैं। इसको रोकने वाला वहां पर कोई नहीं होता है। गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक पहुंचने में देरी हो जाती है और उनको जान का खतरा बढ़ जाता है। सबसे अधिक जाम बाल रोग विभाग से लेकर नेत्र रोग विभाग के सामने होती है।
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अस्पताल में गाडि़यों के खड़े करने के लिए स्टैंड हैं। बावजूद इसके सड़क पर इधर-उधर गाडि़यां खड़ी करने से ही ये समस्या आती है। सुरक्षा कर्मियों को यह निर्देशित किया गया है कि वह जाम न लगने दें, जिससे कि मरीज अंदर आ सके। भविष्य में अंडरग्राउंड पार्किगिं बनाने की योजना है।-डॉ.एसके माथुर, चिकित्सा अधीक्षक बीएचयू अस्पताल
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दूरदराज से बेहतर इलाज का सपना लिए हर दिन करीब पांच हजार लोग बीएचयू अस्पताल आते हैं। ओपीडी से लेकर वार्ड और बाहर तक खूब भीड़ होती है। ओपीडी के बाहर जिसको जहां जगह मिलता है, वह वहीं पर गाड़ी खड़ी कर चादर बिछाकर लेट जाता है या फिर बैठ जाता है। इस वजह से रास्ता या तो जाम हो जाता है या संकरा हो जाता है। आसपास के जिलों से एंबुलेंस से आने वाले मरीजों को इस वजह से खासी परेशानी होती है। अस्पताल परिसर में गाड़ी खड़ी करने के लिए तीन स्टैंड भी बने हैं लेकिन बहुत से लोग गाडि़यां सड़कों पर इधर-उधर ही खड़ा कर देते हैं। इसको रोकने वाला वहां पर कोई नहीं होता है। गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक पहुंचने में देरी हो जाती है और उनको जान का खतरा बढ़ जाता है। सबसे अधिक जाम बाल रोग विभाग से लेकर नेत्र रोग विभाग के सामने होती है।
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अस्पताल में गाडि़यों के खड़े करने के लिए स्टैंड हैं। बावजूद इसके सड़क पर इधर-उधर गाडि़यां खड़ी करने से ही ये समस्या आती है। सुरक्षा कर्मियों को यह निर्देशित किया गया है कि वह जाम न लगने दें, जिससे कि मरीज अंदर आ सके। भविष्य में अंडरग्राउंड पार्किगिं बनाने की योजना है।-डॉ.एसके माथुर, चिकित्सा अधीक्षक बीएचयू अस्पताल
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