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बीएचयू में जंग लगे उपकरणों से दांतों का इलाज
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वाराणसी। बीएचयू के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में जंग लगे उपकरणों से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। यहां जिन उपकरणों से मरीजों के दांत निकाले जा रहे हैं या फिर जांच की जा रही है, उसको देखकर यही लग रहा है कि इसकी नियमित सफाई नहीं की जा रही है। इसके अलावा यहां मरीजों की जांच के लिए डेंटल चेयर का भी रखरखाव नहीं हो पा रहा है। मरीजों के मुताबिक इन उपकरणों की नियमित सफाई न होने से संक्रमण का खतरा है। जबकि संकाय प्रमुख प्रो. नीलम मित्तल ने बताया कि जांच में प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों की नियमित सफाई होती है।
आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा दिए जाने की बात चल रही है। पिछले साल अगस्त में इसके लिए एमओयू के बाद काम आगे बढ़ गया है। बजट की पहली किश्त भी मिलने वाली है। लेकिन जिस तरह व्यवस्थागत खामियां सामने आ रही हैं, उससे सुविधाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में यूजी, पीजी क्लीनिक में जांच के साथ ही माइनर ओटी में भी मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है।
यहां यूजी-पीजी क्लीनिक में रखे उपकरणों का रख-रखाव सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। इसमें कई ऐसे उपकरण हैं, जिस पर जंग लगा है। यहां उपकरणों की सफाई के लिए करीब आठ से दस आटोक्लेव मशीन तो हैं, लेकिन इसमें सभी काम नहीं कर रही हैं। डेंटल चेयर की लंबे समय से न तो सफाई की गई और न ही मरम्मत कराई गई। मरीजों ने बताया कि इसके रखरखाव की बात जब की जाती है तो कोई सटीक जवाब नहीं मिलता है।
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आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा दिए जाने की बात चल रही है। पिछले साल अगस्त में इसके लिए एमओयू के बाद काम आगे बढ़ गया है। बजट की पहली किश्त भी मिलने वाली है। लेकिन जिस तरह व्यवस्थागत खामियां सामने आ रही हैं, उससे सुविधाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में यूजी, पीजी क्लीनिक में जांच के साथ ही माइनर ओटी में भी मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है।
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यहां यूजी-पीजी क्लीनिक में रखे उपकरणों का रख-रखाव सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। इसमें कई ऐसे उपकरण हैं, जिस पर जंग लगा है। यहां उपकरणों की सफाई के लिए करीब आठ से दस आटोक्लेव मशीन तो हैं, लेकिन इसमें सभी काम नहीं कर रही हैं। डेंटल चेयर की लंबे समय से न तो सफाई की गई और न ही मरम्मत कराई गई। मरीजों ने बताया कि इसके रखरखाव की बात जब की जाती है तो कोई सटीक जवाब नहीं मिलता है।
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