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Varanasi: बाल संरक्षण संस्थान के बच्चों की जिंदगी संवारने में जिला प्रशासन की मदद करेगा BHU, एमओयू की खासियत

Sat, 30 May 2026 05:22 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 30 May 2026 05:22 AM IST
सार

Varanasi News: बीएचयू अब बाल संरक्षण संस्थानों में रह रहे बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने में जिला प्रशासन की मदद करेगा। जिला जज संजीव शुक्ला और कुलपति अजित चतुर्वेदी की मौजूदगी में डीएम सत्येंद्र कुमार और बीएचयू कुलसचिव ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास में सहयोग मिलेगा।

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BHU to Assist District Administration in Improving Lives of Children Child Protection Institutes
एमओयू के समय माैजूद गणमान्य। - फोटो : संवाद

विस्तार

Varanasi News: रामनगर के बाल संरक्षण संस्थान में पल पोस रहे बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए बीएचयू जिला प्रशासन की मदद करेगा। बीएचयू अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर मुश्किलों से गुजर कर आए बच्चों का भविष्य बनाएगा, वहीं अपने छात्रों को इंटर्नशिप भी कराएगा। शुक्रवार को बीएचयू के कुलपति आवास में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समझौता किया गया।

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जिला जज संजीव शुक्ला और कुलपति प्रो. अजित चतुर्वेदी की मौजूदगी में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और कुलसचिव प्रो. अरुण सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत दोनों संस्थानों की पारस्परिक क्षमताओं के माध्यम से विकास के नए अवसरों को खोला जाएगा। रामनगर के बच्चों के शैक्षणिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य और जीवन कौशल के विकास के लिए बीएचयू सहयोग करेगा। 
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कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रभावित बच्चों को कौशल और नेतृत्व क्षमता को विकसित करेगा। उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाने के लिए कई नए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। एमओयू के तहत गतिविधियों का एक कैलेंडर तैयार किया जाएगा, जिससे नियमित रूप से कार्यक्रम हो सके। 
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जिला जज संजीव शुक्ला ने सुझाव दिया कि इन केंद्रों में रह रही लड़कियों के विकास के लिए संगठित और संस्थागत प्रयास हो। डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र में कई ऐसे बच्चे होते हैं, जिन्होंने कई विषम परिस्थितियों का सामना किया होता है। ऐसे में उनके व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास निर्माण के लिए नई सोच की जरूरत है।

गणित, विज्ञान, कंप्यूटर पर कार्यशाला और रिसर्च प्रोजेक्ट होंगे
एमओयू के तहत दोनों संस्थान गणित, विज्ञान और कंप्यूटर शिक्षा, प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन, इंटर्नशिप अवसरों बनाने, रिसर्च प्रोजेक्ट के साथ साथ, खेल और शारीरिक विकास, कला, संस्कृति, जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य एवं पोषण, व्यवसायिक एवं डिजिटल शिक्षा, करियर मार्गदर्शन व भविष्य निर्माण के क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग करेंगे।

बीएचयू की विशेषज्ञता से बाल संरक्षण संस्थानों के बच्चों के विकास के नए मार्ग खुलेंगे, वहीं, बाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के साथ कार्य करने से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रायोगिक अनुभव, अनुसंधान आदि के अवसर प्राप्त होंगे। एमओयू के क्रियान्वयन की अगुवाई करने वाले विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के महासचिव प्रो. अनुपम कुमार नेमा, कौशल विकास प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. एचपी शर्मा, प्रो. निशात अफरोज और शिक्षा संकाय की प्रो. अंजलि वाजपेयी मौजूद रहीं।

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