BHU: फीस देरी से जमा करने पर तीन गुना पेनल्टी, प्रवेश भी निरस्त; पीएचडी करने से पहले पढ़ लें जानकारी
बीएचयू ने पीएचडी छात्रों के लिए फीस देर से जमा करने पर लगने वाली पेनल्टी बढ़ा दी है। अब तीन से छह महीने की देरी पर ₹1000 के बजाय ₹3000 जुर्माना देना होगा, जबकि एक महीने तक की देरी पर भी पेनल्टी दोगुनी कर दी गई है। निर्धारित अवधि से अधिक देरी होने पर प्रवेश निरस्त करने का भी प्रावधान रखा गया है।
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बीएचयू में पीएचडी की फीस तो घटा दी गई है लेकिन पेनल्टी दो से तीन गुना तक बढ़ा दी गई है। एक महीने की देरी होने पर दो गुना और तीन से छह महीने की देरी पर विद्यार्थियों को तीन गुने से ज्यादा पेनल्टी भरनी होगी। पहले एक महीने के अंदर फीस जमा न करने पर 500 रुपये लगते थे लेकिन अब 1000 रुपये जमा करने होंगे। पहले 31 से 180 दिन की देरी पर 1000 रुपये लगते थे लेकिन अब इसे दो भाग में बांट दिया गया है।
31 से लेकर 90 दिनों की देरी पर 2000 रुपये और 91 से 180 दिन की देरी से फीस चुकाने पर 3000 रुपये पेनल्टी चुकानी होगी। वहीं, 180 दिनों तक फीस जमा नहीं की तो दाखिला ही निरस्त कर दिया जाएगा। ये वाली लेट फीस की ये व्यवस्था इसी साल जुलाई के नए सेमेस्टर शुरू कर दी गई है। ये नियम छात्रों की पूर्णकालिक पीएचडी के साथ ही स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी होंगे।
कुलसचिव कार्यालय (शिक्षण) की ओर से जारी इस सूचना में बताया गया है कि ये नियम बीएचयू के हर एक स्कॉलर पर लागू होंगे। इससे पहले बीएचयू में देरी से पीएचडी की फीस जमा करने का नियम पिछले ऑर्डिनेंस के आधार पर रखा गया था। हालांकि, छह महीने तक फीस न चुकाने पर प्रवेश निरस्त करने का नियम पहले भी था।
एक्सटर्नल में 10000, रेग्युलर का 2500 रुपये में पंजीकरण
रेग्युलर छात्रों को पंजीकरण के लिए 2500 रुपये, एकेडमिक फीस 1000 रुपये, डेवलपमेंट फीस 1000 रुपये और कोर्स वर्क एग्जामिनेशन फीस 3000 रुपये तय की गई है। छह साल के बाद दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने पर 5000 रुपये, एकेडमिक और डेवलपमेंट फीस 2000-2000 रुपये होगी। एक्सटर्नल पीएचडी की रजिस्ट्रेशन फीस 10000 रुपये, डेवलपमेंट और एकेडमिक फीस 2000-2000 रुपये रखी गई है। वहीं, छह महीने बाद रजिस्ट्रेशन फीस 20 हजार रुपये और डेवलपमेंट-एकेडमिक फीस 4000 रुपये होगी।