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बीएचयू बवाल: आरोपियों से की जाएगी नुकसान की भरपाई, वसूला जाएगा इतना जुर्माना 

Thu, 04 Jan 2018 05:18 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 04 Jan 2018 05:18 PM IST
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Bhu three lakh sixty eight thousand fine will be charged by accused
बीएचयू परिसर मे जलती बस - फोटो : File Photo
बीएचयू में 20 दिसंबर के बवाल के दौरान हुए नुकसान की भरपाई 13 आरोपी छात्रों से की जाएगी। इन आरोपियों से नुकसान का जुर्माना वसूला जाएगा। जुर्माने की राशि जमा न करने वालों के विरद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एडीएम सिटी की ओर से इन आरोपियों के घर नोटिस भेजा जाएगा।
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आरटीओ कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक बीएचयू में बीते महीने हुए बवाल के दौरान एक बस में आग लगा दी गई थी और कई वाहन पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिए गए थे। इनमें से 17 वाहन स्वामियों ने उच्चतम न्यायालय के आदेश और प्रदेश सरकार के शासनादेश का हवाला देते हुए नुकसान की भरपाई आरोपियों से कराने की मांग प्रशासन से की थी।
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प्रशासन ने परिवहन विभाग से 17 क्षतिग्रस्त वाहनों के नुकसान का आंकलन कराकर रिपोर्ट देने को कहा था। परिवहन विभाग की ओर से बताया गया कि सभी 17 वाहनों को 3,68,300 रुपये का नुकसान हुआ है। यह धनराशि 13 हिस्सों में बांट कर नामजद आरोपियों से वसूली जाएगी और संबंधित वाहन मालिकों को आरटीओ की रिपोर्ट के अनुसार भुगतान कराया जाएगा। 
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रंगदारी मामले में आशुतोष को जमानत

Bhu three lakh sixty eight thousand fine will be charged by accused
बीएचयू गेट पर तैनात पुल‌िसकर्मी - फोटो : file photo
बीएचयू में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदारों से रंगदारी मांगने के आरोपी एमए प्रथम वर्ष के छात्र आशुतोष सिंह उर्फ ईशू की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम डॉ. एके सिंह की अदालत ने मंजूर कर ली है।

अदालत ने 50 हजार के दो जमानतदार देने पर रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि बीएचयू में मारपीट और लूटपाट के एक अन्य मामले में आशुतोष के आरोपी होने और जमानत न मिलने के कारण फिलहाल वह जिला जेल में ही निरुद्ध रहेगा।

आशुतोष की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि आरोपी बीते दो दिसंबर से जेल में निरुद्ध है। कई बार अवसर दिए जाने के बावजूद लंका पुलिस ने अदालत में केस डायरी नहीं प्रस्तुत की और इसका कारण भी नही बताया।

आरोपी के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह की दलील थी कि बीएचयू प्रशासन की अनियमितताओं का विरोध करने के कारण उनके मुवक्किल को गलत ढंग से आरोपी बनाया गया है। जिस दिन की रंगदारी की घटना बताई गई है उस दौरान वह दूसरे मामले में जेल में था। कोर्ट ने इन परिस्थितियों में जमानत मंजूर कर ली।
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