BHU अस्पताल का हाल: पांचवीं मंजिल पर सर्जरी, 400 मीटर दूर भर्ती होने जा रहे दिल के मरीज; वजह चौंकाने वाली
बीएचयू अस्पताल में मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध कराने का चाहे जितना भी दावा दिया जा रहा हो लेकिन हकीकत कुछ और ही है। यहां दिल के मरीज पांचवीं मंजिल पर सर्जरी होने के बाद 400 मीटर दूर भर्ती होने जा रहे हैं।
विस्तार
बीते दस दिनों से बीएचयू के अस्पताल के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर बने कैथ लैब में मरीज सर्जरी कराने के बाद 400 मीटर दूर अस्पताल के सीसीयू वार्ड में भर्ती होने जा रहे हैं। वजह ये कि सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में बने सीसीयू वार्ड में ताला लटक रहा है। ताला भी इसलिए लटक रहा है क्योंकि बीते 15 सितंबर को यहां तैनात नर्सिंग अफसर की मौत के बाद किसी की तैनाती ही नहीं हुई। हृदय रोग जो कि गंभीर बीमारी की श्रेणी में आता है, बीएचयू में उन मरीजों को पिछले दस दिनों से सर्जरी कराने के बाद परेशान होना पड़ रहा है।
बीएचयू अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बने कैथ लैब में हर दिन करीब 10 से अधिक मरीजों की सर्जरी होती है। किसी को स्टेंट डाली जाती है, किसी को पेसमेकर लगाया जाता है। सर्जरी की प्रक्रिया के बाद मरीजों को सीसीयू वार्ड में भर्ती किया जाता है। इसके लिए कैथ लैब के ठीक सामने 17 बेड का सीसीयू वार्ड भी बना है।
भर्ती के लिए बेड, जांच, इलाज के जरूरी संसाधन भी यहां मौजूद हैं, लेकिन पिछले दस दिनों से यहां मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे हैं। सर्जरी के बाद उन्हें अस्पताल का चक्कर काटना पड़ रहा है। मरीज को पांचवीं मंजिल से नीचे सीढ़ी/रैंप या फिर लिफ्ट से लेकर परिजन उतरते हैं। उसके बाद मरीज बीएचयू अस्पताल के सीसीयू वार्ड तक ले जाकर भर्ती करा रहे हैं।
नर्सिंग अफसर की मौत के बाद किसी की तैनाती नहीं
पूर्व विभागाध्यक्ष ने लिखा कुलपति को पत्र, नर्सिंग अफसरों ने निदेशक से की शिकायत
नर्सिंग अफसर की तैनाती न होने की वजह से सीसीयू वार्ड में ताला बंद है। हृदय रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने 19 सितंबर को कुलपति को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है। प्रो. ओमशंकर ने कुलपति को पत्र के माध्यम से बताया है कि नर्सिंग स्टाफ के न होने से मरीज एसएसबी में नहीं भर्ती हो पा रहे हैं। चक्कर काटकर अस्पताल में भर्ती होने के लिए जा रहे हैं।
हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारी की सर्जरी के बाद उन्हें इस तरह से चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे उनकी सेहत का खतरा बना हुआ है। पत्र की कॉपी उन्होंने आईएमएस बीएचयू निदेशक और अस्पताल के एमएस को भी दी है। इसके बाद भी अब तक कुछ नहीं किया गया। उधर, नर्सिंग अफसरों ने भी आईएमएस निदेशक को इस बाबत पत्र लिखा है।
क्या बोले अधिकारी
हृदय रोग के मरीजों को भर्ती करने के लिए ही सीसीयू वार्ड बनवाया गया है। यहां ताला क्यों बंद हैं और मरीजों को अस्पताल तक क्यों जाना पड़ रहा है, इस मामले में विभागाध्यक्ष से बातचीत कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू