फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU students stop strike on second day for dismissal of professor accused of molesting girl varanasi

बीएचयू : 27 घंटे बाद छात्राओं का धरना खत्म, प्रोफेसर चौबे को छुट्टी पर भेजा

Mon, 16 Sep 2019 11:48 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 16 Sep 2019 11:48 AM IST
विज्ञापन
BHU students stop strike on second day for dismissal of professor accused of molesting girl varanasi
खुशी मनाती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला

बीएचयू में शाम को छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद कुलपति ने प्रोफेसर चौबे के मामले को कार्यकारिणी परिषद में दोबारा रखे जाने की जानकारी दी। साथ ही परिषद के फैसले तक प्रो चौबे को छुट्टी पर भेजे जाने का आदेश भी दिया। इसके अलावा लैंगिक उत्पीड़न के मामलों के निस्तारण के लिए सभी विभागों को आदेश देने की जानकारी दी।

विज्ञापन


बीएचयू के जनसंपर्क अधिकारी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्र बाहरी तत्वों के साथ मिलकर मुख्य द्वार पर आवागमन बाधित कर धरना दे रहे थे। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल खराब होने के साथ ही अस्पताल आने वाले मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


इसके अलावा विश्वविद्यालय में लैंगिक उत्पीड़न के मामलों की रोकथाम के लिए दिशा निर्देशों को विभागों के सूचना पट्ट पर चस्पा कराया जाएगा। कुलपति ने कहा है कि परिसर में किसी भी प्रकार के लैंगिक भेदभाव या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओपी राय, सीओ भेलूपुर अनिल कुमार, इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी सहित अन्य अधिकारियों ने कई बार छात्राओं को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह बिना लिखित कार्रवाई के मानने को तैयार नहीं हुई थीं।

प्रियंका गांधी और इमरान प्रतापगढ़ी ने किया समर्थन :
कांग्रेस महासचिव एवं पूर्वी यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने छात्राओं के धरने का समर्थन किया है। अपने फेसबुक पेज पर प्रियंका ने लिखा है कि बीएचयू में छात्राओं को बार-बार विरोध करने के लिए बाहर निकलना पड़ता है। क्योंकि उनको सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती है। एक प्रोफेसर के खिलाफ कई लड़कियों ने शिकायत की, जांच समिति को शिकायत सही मिली, लेकिन कार्रवाई के नाम पर निल बटे सन्नाटा।

बेटी बचाओ अभियान अब बेटियां खुद ही चलाएंगी। इसके अलावा कांग्रेस नेता और शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने टिवटर पर लिखा है कि बीएचयू में जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर चौबे साहब छेड़खानी के आरोप में जांच समिति से दोषी पाए जाने के बावजूद बहाल कर दिए गए। पिछले 24 घंटे से कुलपति के पास इन बेटियों से मिलने का समय नहीं है। चिन्मन्यानंद पर एफआईआर नहीं, इधर दोषी होने के बाद भी बहाली। क्या ऐसे होगी बेटियों की रखवाली।

बीएचयू प्रशासन ने हॉस्टल पर लगाया ताला :
एक ओर सिंह द्वार पर छात्राओं का धरना चल रहा था तो दूसरी ओर परिसर के जेसी बोस हॉस्टल पर बीएचयू प्रशासन ने ताला बंद करवा दिया। साथ ही सुरक्षा कर्मी को बैठा दिया। यहां एक नोटिस भी रखा गया, जिस पर कुलपति के आदेशानुसार रविवार को छात्रावास का मेन गेट बंद रहने की बात लिखी थी। इस हॉस्टल में विज्ञान संकाय की छात्राएं रहती हैं। छात्राओं को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसकी तस्वीर फेसबुक, व्हाट्सऐप पर वायरल कर दी। धरना समाप्त होने के बाद यह ताला खोला गया।

अभाविप ने फूंका बीएचयू प्रशासन का पुतला :
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बीएचयू इकाई से जुड़े छात्रों ने रविवार शाम साढ़े सात बजे बीएचयू प्रशासन का पुतला फूंका। महिला महाविद्यालय गेट के सामने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों ने प्रोफेसर एसके चौबे को बर्खास्त करने की मांग की।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य साक्षी सिंह ने कहा कि छात्राओं संग छेड़छाड़ के आरोपी प्रोफेसर का पढ़ाना ही विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। विभाग संयोजक अधोक्षज पांडेय, अविनाश सिंह, प्रवीण शुक्ला, शांभवी शुक्ल, अभय सिंह, पल्लव, अभिषेक, उपकार आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed