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बीएचयू बवाल मामले में छात्र आशुतोष सिंह निलंबित, कैंपस में प्रवेश प्रतिबंधित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 31 Dec 2017 02:00 PM IST
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बीएचयू प्रशासन ने बिरला छात्रावास में रहने वाले छात्र आशुतोष सिंह को शनिवार को विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया। शनिवार को कुलसचिव की ओर से जारी आदेश में आशुतोष को निलंबित करते हुए उसे छात्रावास सहित अन्य सुविधाओं से वंचित कर दिया गया है। बिना अनुमति कैंपस में प्रवेश भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सामाजिक विज्ञान संकाय के एमए आईआरपीएम के छात्र आशुतोष को पुलिस ने 20 दिसंबर को रंगदारी, मारपीट, आईआईटी में बवाल करने सहित अन्य आरोपों में गिरफ्तार कर लिया था। उसकी गिरफ्तारी के विरोध में उसके साथियों ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर उपद्रव किया था।
125 से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल की एक बस में आग लगा दी थी। इस मामले में 13 छात्रों पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। बीते गुरुवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन 13 छात्रों को निलंबित भी कर दिया था लेकिन आशुतोष पर कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे थे।
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चीफ प्रॉक्टर की संस्तुति पर कुलसचिव ने उसके निलंबन पर मुहर लगाई। आदेश की प्रति आईआरपीएम डायरेक्टर, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन सहित अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है।
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सामाजिक विज्ञान संकाय के एमए आईआरपीएम के छात्र आशुतोष को पुलिस ने 20 दिसंबर को रंगदारी, मारपीट, आईआईटी में बवाल करने सहित अन्य आरोपों में गिरफ्तार कर लिया था। उसकी गिरफ्तारी के विरोध में उसके साथियों ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर उपद्रव किया था।
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125 से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल की एक बस में आग लगा दी थी। इस मामले में 13 छात्रों पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। बीते गुरुवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन 13 छात्रों को निलंबित भी कर दिया था लेकिन आशुतोष पर कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे थे।
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चीफ प्रॉक्टर की संस्तुति पर कुलसचिव ने उसके निलंबन पर मुहर लगाई। आदेश की प्रति आईआरपीएम डायरेक्टर, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन सहित अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है।
नहीं आए गिरफ्त में तो पुलिस करेगी कुर्की की कार्रवाई
20 दिसंबर को बीएचयू में फूंकी गयी स्कूल बस
- फोटो : file photo
बीएचयू बवाल के नामजद 13 आरोपी यदि पुलिस की गिरफ्त में जल्द नहीं आए तो सभी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पुलिस कानूनी सलाह लेकर जल्द कार्रवाई को अमलीजामा पहनाने की तैयारी में है।
बीते 20 दिसंबर की शाम बीएचयू परिसर में खड़े वाहनों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। मामले को लेकर बीएचयू प्रशासन की ओर से 13 छात्रों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया।
सभी आरोपियों के घर पर लंका पुलिस नोटिस चस्पा कर उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके क्षेत्र से संबंधित थानों के थानेदारों से मदद भी मांग चुकी है लेकिन किसी के संबंध में कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी।
इसी तरह बीएचयू के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह को जानमाल की धमकी देने के नामजद आरोपी शेखर सिंह का भी पुलिस पता नहीं लगा सकी है। पुलिस की सारी कार्रवाई दबिश और छापेमारी तक के नाम तक ही सीमित है।
इस संबंध में लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि हमारे स्तर से भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों के जल्द गिरफ्त में न आने पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीते 20 दिसंबर की शाम बीएचयू परिसर में खड़े वाहनों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। मामले को लेकर बीएचयू प्रशासन की ओर से 13 छात्रों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया।
सभी आरोपियों के घर पर लंका पुलिस नोटिस चस्पा कर उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके क्षेत्र से संबंधित थानों के थानेदारों से मदद भी मांग चुकी है लेकिन किसी के संबंध में कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी।
इसी तरह बीएचयू के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह को जानमाल की धमकी देने के नामजद आरोपी शेखर सिंह का भी पुलिस पता नहीं लगा सकी है। पुलिस की सारी कार्रवाई दबिश और छापेमारी तक के नाम तक ही सीमित है।
इस संबंध में लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि हमारे स्तर से भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों के जल्द गिरफ्त में न आने पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।