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BHU के वैज्ञानिकों का शोध: ज्यादा तनाव आपको बना देगा कैंसर का मरीज, रोकथाम के लिए करें ये उपाय
Fri, 16 Feb 2024 10:12 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 16 Feb 2024 10:12 AM IST
सार
बीएचयू जूलॉजी विभाग के वैज्ञानिकों के शोध में पता चला कि ज्यादा तनाव आपको कैंसर का मरीज बना देगा। अगर कैंसर रोगी को कैंसर उपचार, जरूरी दवाओं के साथ ही तनाव नियंत्रण वाली दवाएं दी जाएं तो वह कैंसर के रोकथाम में भी कारगर होगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ज्यादा तनाव से आपको कैंसर हो सकता है। बीएचयू के वैज्ञानिकों ने एक शोध में तनाव के साथ ट्यूमर को बढ़ावा देने वाली क्रिया विधि को पता लगाने में सफलता हासिल की है। इसके तहत यह पाया कि तनाव ग्रस्त होने के साथ कैंसर की समस्या वाले व्यक्ति को अगर कैंसर के उपचार, जरूरी दवाओं के साथ ही तनाव नियंत्रण वाली दवाएं दी जाएं तो वह कैंसर के रोकथाम में भी कारगर होगी।
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बीएचयू जूलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय सिंह के नेतृत्व में हुए अध्ययन में चूहों पर एंटी कैंसर दवा के प्रयोग में सफलता मिली है। डॉ. अजय के अनुसार टी सेल लिंफोमा, हेमटोलॉजिकल मूल का एक दुर्लभ कैंसर है। अध्ययन में यह पता चला कि टी सेल लिंफोमा के असर वाले चूहों के रक्त में एपिनेफ्रिन/एड्रेनालाईन का स्तर काफी बढ़ा पाया है। साथ ही साथ टी लिंफोमा कोशिकाओं में एड्रीनर्जिक रिसेप्टर्स अधिकता को भी नोट किया है।
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डॉ. अजय का कहना है कि चूहों पर हुए प्रयोग में यह भी मिला कि प्रोप्रानोलोल ने न केवल कैंसर वाले चूहों की दबी हुई प्रतिरक्षा को पुनः सक्रिय किया बल्कि कैंसर के कारण हुए यकृत और गुर्दे पर हुए दुष्प्रभाव को भी कम कर दिया। उन्होंने बताया कि यह अध्ययन राजन कुमार तिवारी की पीएचडी थीसिस का भी हिस्सा हैं। इसका प्रकाशन केमिको-बायोलॉजिकल इंटरेक्शंस जर्नल में हो चुका है। टीम में राजन के साथ ही शिव गोविंद रावत, डॉ. प्रदीप कुमार जैसवारा, डॉ. विशाल कुमार गुप्ता और डॉ. अजय कुमार शामिल हैं।
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