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Varanasi News: पूर्वोत्तर की पहाड़ियों में मिले नौ नील हरित शैवाल, बीएचयू के वैज्ञानिकों ने की है पहचान
Thu, 23 Jan 2025 01:02 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 23 Jan 2025 01:02 PM IST
सार
पूर्वोत्तर और एमपी की पहाड़ियों में 9 नए नील हरित शैवाल मिले हैं। बीएचयू के वैज्ञानिकों ने इन प्रजातियों की पहचान की है। त्रिपुरा, नागालैंड और असम से सात और पचमढ़ी बायोस्फीयर रिजर्व से दो प्रजातियां मिलीं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएचयू के वैज्ञानिकों ने पूर्वोत्तर और एमपी की पहाड़ियों पर साइनो बैक्टीरिया (नील हरित शैवाल) की नौ प्रजातियों की पहचान की है। पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, नागालैंड और असम के जैव विविधता हॉटस्पॉट्स से सात और मध्य प्रदेश में यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त पचमढ़ी बायोस्फीयर रिजर्व से साइनोबैक्टीरिया की दो नई प्रजातियां मिली हैं।
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वैज्ञानिकों का मानना है कि ये रिसर्च भारत की बेहतर जैव विविधता को दिखाता है और इन्हें संरक्षित रखने की जरूरत है। बीएचयू के वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. प्रशांत सिंह ने ये रिसर्च किया है। इस अध्ययन में शामिल 13 शोधकर्ताओं में से सात इंटर्न हैं।
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डॉ. सिंह की लैब में सीनियर रिसर्च फेलो सागरिका पाल ने बताया कि यह शोध जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान से जैव विविधता को बचाने के लिए किया गया है। इस शोध के लिए वित्तीय मदद बीएचयू और एसईआरबी ने दी। ये रिसर्च फाइकोलॉजी के जर्नल एल्गल में प्रकाशित हो चुका है।
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