{"_id":"596fbd184f1c1bd30a8b4775","slug":"bhu-professor-found-dead-in-his-apartment","type":"story","status":"publish","title_hn":"कामधेनु अपार्टमेंट के फ्लैट में मृत पड़े मिले बीएचयू के प्रोफेसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कामधेनु अपार्टमेंट के फ्लैट में मृत पड़े मिले बीएचयू के प्रोफेसर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 20 Jul 2017 01:42 AM IST
विज्ञापन
कामधेनु अपार्टमेंट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के लंका थानांतर्गत कामधेनु अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 103 में बुधवार की रात बीएचयू आईएमएस के रेडियो डायग्नोसिस एंड इमेजिंग विभाग के हेड रहे प्रो. अरविंद कुमार श्रीवास्तव (63) कमरे में मृत पाए गए।
पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकलवाया। पड़ोसियों के अनुसार प्रो. श्रीवास्तव फ्लैट में अकेले रहते थे। करीब 15 साल पहले उनका पत्नी से तलाक हो चुका था। दो दिन पहले ही उन्होंने विभागाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।
प्रो. श्रीवास्तव को लंबे समय से फेफड़े की बीमारी थी और उनका इलाज घर पर ही चल रहा था। उनका खाना भी बाहर से ही आता था। रोज की तरह बुधवार को दिन में करीब 11 बजे उनका टिफिन लेकर एक युवक पहुंचा तो उन्होंने उसे शाम को आने को कहकर लौटा दिया।
विज्ञापन
रात करीब नौ बजे जब वह खाना लेकर आया तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है। पड़ोसियों को इसकी सूचना मिली और उन्होंने घटना की जानकारी लंका पुलिस को दी।
अपार्टमेंट पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़ कर अंदर गई तो देखा कि प्रो. श्रीवास्तव को आक्सीजन मॉस्क लगा था। पुलिस के बुलावे पर उनका इलाज करने वाले डॉक्टर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि फेफड़े की बीमारी की वजह से वह आक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे थे।
सीओ भेलूपुर अखिलेश सिंह ने बताया कि उन्हें फेफड़े की बीमारी थी। कमरे में कोई भी सामान बिखरा नहीं मिला। एक बेटे अपूर्व श्रीवास्तव के बारे में जानकारी मिली है। उसके बारे में और सूचना जुटाई जा रही है। फिलहाल शव मोर्चरी में रखा गया है।
गुरुवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारणों का पता चल सकेगा। उधर प्रो. अरविंद की मौत की सूचना पाकर सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय समेत कई चिकित्सक और अधिकारी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकलवाया। पड़ोसियों के अनुसार प्रो. श्रीवास्तव फ्लैट में अकेले रहते थे। करीब 15 साल पहले उनका पत्नी से तलाक हो चुका था। दो दिन पहले ही उन्होंने विभागाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।
विज्ञापन
प्रो. श्रीवास्तव को लंबे समय से फेफड़े की बीमारी थी और उनका इलाज घर पर ही चल रहा था। उनका खाना भी बाहर से ही आता था। रोज की तरह बुधवार को दिन में करीब 11 बजे उनका टिफिन लेकर एक युवक पहुंचा तो उन्होंने उसे शाम को आने को कहकर लौटा दिया।
विज्ञापन
रात करीब नौ बजे जब वह खाना लेकर आया तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है। पड़ोसियों को इसकी सूचना मिली और उन्होंने घटना की जानकारी लंका पुलिस को दी।
अपार्टमेंट पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़ कर अंदर गई तो देखा कि प्रो. श्रीवास्तव को आक्सीजन मॉस्क लगा था। पुलिस के बुलावे पर उनका इलाज करने वाले डॉक्टर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि फेफड़े की बीमारी की वजह से वह आक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे थे।
सीओ भेलूपुर अखिलेश सिंह ने बताया कि उन्हें फेफड़े की बीमारी थी। कमरे में कोई भी सामान बिखरा नहीं मिला। एक बेटे अपूर्व श्रीवास्तव के बारे में जानकारी मिली है। उसके बारे में और सूचना जुटाई जा रही है। फिलहाल शव मोर्चरी में रखा गया है।
गुरुवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारणों का पता चल सकेगा। उधर प्रो. अरविंद की मौत की सूचना पाकर सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय समेत कई चिकित्सक और अधिकारी मौके पर पहुंचे।