BHU: विदेशी छात्रों का कोटा 15% से 25% तक करने की तैयारी, 40 देशों के 500 से ज्यादा छात्र कर रहे पढ़ाई
वर्तमान में बीएचयू में नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, अमेरिका, अफ्रीकी और यूरोपीय देशों समेत 40 देशों के 500 से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। अब सीटों की संख्या बढ़ाने पर ये 1000 के आंकड़े को भी पार कर सकती है।
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बीएचयू अपने विदेशी छात्रों के कोटे में 66 फीसदी की बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहा है। स्नातक यूजी और परा स्नातक पीजी में विदेशी छात्रों की संख्या 15 फीसदी से 25 फीसदी तक करने प्रस्ताव तैयार किया गया है। ये सीटें सुपर न्यूमेरी प्रकृति की होंगी जो कि विदेशी छात्रों के लिए ही होंगी। इन सीटों से भारतीय छात्रों के लिए निर्धारित सीटों पर कोई असर नहीं होगा। लेकिन इससे बीएचयू का ग्लोबल कनेक्ट और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी मजबूत हो सकेगी।
वर्तमान में बीएचयू में नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, अमेरिका, अफ्रीकी और यूरोपीय देशों समेत 40 देशों के 500 से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। अब सीटों की संख्या बढ़ाने पर ये 1000 के आंकड़े को भी पार कर सकती है। बीएचयू के एकेडमिक काउंसिल में ये प्रस्ताव आया था। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर कुलपति की मुहर नहीं लगी है। लेकिन इसे आगे के लिए टाल दिया गया है।
अब अलग एकेडमिक काउंसिल में इसे फिर से रखा जाएगा। इसमें अंतरराष्ट्रीय केंद्र के अधिकारी शामिल होंगे। उनसे टिप्पणियां ली जाएंगी, इसके बाद कुलपति की मुहर लगेगी। उम्मीद है कि अगले सत्र से नई व्यवस्था लागू हो जाए।
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भारतीय मूल के 5 फीसदी लोगों का होगा प्रवेश
बीएचयू में विदेशी छात्रों का यूजी में कुल 43 कोर्स और पीजी में 217 कोर्स और पीएचडी में 182 कार्यक्रमों में दाखिला होता है। वहीं स्पेशल और डिप्लोमा के 58 कोर्स में प्रवेश लिया जाता है। विदेशी अभ्यर्थियों के लिए कोई नियत सीट नहीं तय है लेकिन हर कोर्स में कोटा तय है। पांच फीसदी सीट भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ और ओसीआई) के बच्चों से और पांच फीसदी खाड़ी और दक्षिण एशियाई देशों में कार्यरत भारतीय कामगारों के बच्चों से भरी जाएंगी। इसमें आवेदन न मिलने और सीट खाली रहने पर सीटों को पूल करके बाकी के लोगों में आवंटित किया जा सकता है।
विदेशी छात्रों को प्रवेश में मिलने वाली अन्य सहूलियतें...
- दाखिले के लिए सीयूईटी परीक्षा नहीं देनी होती लेकिन शैक्षिक योग्यताएं भारतीय छात्रों के समान ही हैं।
- मेडिकल और आईआईटी पाठ्यक्रमों को छोड़कर किसी अन्य में न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा नहीं है।
- 227 विदेशी छात्र तीन वर्षीय स्नातक और चार वर्षीय यूजी कोर्स में 126 विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
- दो वर्ष के पीजी कार्यक्रम में 135 और पांच वर्षीय में 17 विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।