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BHU PhD Admission: विभाग तय करेंगे जेआरएफ और नेट की सीटों का विभाजन, 2024-25 सत्र में प्रवेश की तैयारी शुरू

Thu, 27 Jun 2024 12:57 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 27 Jun 2024 12:57 PM IST
सार

बीएचयू में पीएचडी के 2024-25 सत्र में प्रवेश की तैयारी शुरू हो गई है। प्रवेश समिति ने पीएचडी में प्रवेश के लिए सीट निर्धारण विभागों पर छोड़ा है। नेट का रिजल्ट घोषित होते ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 

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BHU PhD Admission 2024-25 Departments will decide division of JRF and NET seats
BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पीएचडी पाठ्यक्रम में सत्र 2024-25 में प्रवेश की तैयारी शुरू हो गई है। पीएचडी में प्रवेश के लिए बनी कमेटी ने इस बार जेआरएफ और नेट के लिए सीटों के निर्धारण का जिम्मा विभागों पर छोड़ दिया है। इसके पीछे मकसद यह है कि जिस विभाग में जेआरएफ के लिए ज्यादा अभ्यर्थी आवेदन करते हैं, वहां जेआरएफ की सीटें अधिक और जहां कम आवेदन आते हैं, वहां सीटें कम रखी जाएं। ताकि पिछली बार की तरह सीटें खाली न रह जाएं।

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बीएचयू में सत्र 2023-24 में प्रवेश को लेकर हंगामा हुआ था। प्रवेश प्रक्रिया पर छात्र-छात्राओं के सवाल उठाने पर प्रवेश काफी विलंबित हो गया था। लेकिन, इस बार बीएचयू ने यूजीसी की ओर से तय की गई गाइडलाइन के हिसाब से पीएचडी में प्रवेश लेने की योजना बनाई है। इसलिए नेट के रिजल्ट का इंतजार हो रहा है। हालांकि प्रवेश की तैयारियां पूरी कराई जा रही हैं। प्रवेश समिति ने सभी विभागों से जेआरएफ और नेट की सीटों का ब्योरा मांगने के साथ ही किसे-कितनी सीटें दी जाएं, यह निर्धारित करने की जिम्मेदारी भी विभागों को तय को कहा है।

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दरअसल इससे पहले रेट और रेट एग्जेम्टेड के लिए आधी-आधी सीटें निर्धारित थीं। इससे पर्याप्त संख्या में जेआरएफ के अभ्यर्थी न मिलने के कारण एग्जेम्टेड की लगभग 300 सीटें खाली रह गईं। कुछ विभागों में एक भी प्रवेश नहीं हुए।

विश्वविद्यालय ने इस बार इस स्थिति से बचने के लिए जिस विभाग में जेआरएफ के ज्यादा अभ्यर्थी आवेदन करते हैं, केवल उन विभागों को ही जेआरएफ की ज्यादा सीटें देने की योजना बनाई है। बची सीटों को नेट या पीएचडी कैटेगरी में समायोजित करने की तैयारी है।

अपर परीक्षा नियंता प्रो. जीपी सिंह ने बताया कि विभागों से पीएचडी सीटों का विवरण मांगा गया है। साथ ही इस बार जेआरएफ और नेट के लिए कितनी-कितनी सीटें दी जाएं, यह तय करने की जिम्मेदारी भी विभागों पर छोड़ दी गई है।
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