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BHU News: बीएचयू दीक्षांत समारोह में कॉलेजों के डिग्री का विवाद गहराया, पढ़े विरोध पर क्यों उतरे छात्र?

Fri, 01 Dec 2023 02:12 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Fri, 01 Dec 2023 02:12 PM IST
सार

विश्वविद्यालय के 103वें दीक्षांत समारोह का मुख्य आयोजन स्वतंत्रता भवन में सुबह 9.30 बजे से होगा। इसके बाद संकायों, संस्थानों में सर्वोच्च अंक पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पदक, उपाधियां दी जानी है।

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BHU News: Controversy over degrees in colleges deepened in BHU convocation, read why students protested?
BHU: - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बीएचयू में 16 दिसंबर को दीक्षांत समारोह में उपाधि वितरण को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस बार विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और कॉलेजों के लिए अलग-अलग समारोह होंगे। ऐसा पहली बार होगा जब कॉलेजों के विद्यार्थियों को संकाय, संस्थान के विद्यार्थियों संग उपाधियां नहीं मिलेंगी। इसको लेकर विद्यार्थियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस फैसले को भेदभावपूर्ण बताते हुए एक दिसंबर को विरोध में केंद्रीय कार्यालय बंद कराने का निर्णय लिया है। इसमें विश्वविद्यालय के साथ ही कॉलेजों के छात्र भी शामिल होंगे।

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विश्वविद्यालय के 103वें दीक्षांत समारोह का मुख्य आयोजन स्वतंत्रता भवन में सुबह 9.30 बजे से होगा। इसके बाद संकायों, संस्थानों में सर्वोच्च अंक पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पदक, उपाधियां दी जानी है। इस बार समारोह में कॉलेजों के विद्यार्थियों को संकायों से अलग उपाधि देने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय से जुड़े चार कॉलेजों को परिसर में चार अलग-अलग जगहों का चयन करने को कहा गया है। छात्रों को यह फैसला खटक रहा है।
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बीएचयू से जुड़े कॉलेज

आर्य महिला पीजी कॉलेज
वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा

वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट
डीएवीपीजी कॉलेज

बैठक में हुआ था फैसला, प्राचार्य भी रहे शामिल
परीक्षा नियंता प्रो. एनके मिश्र का कहना है कि इस मामले में पिछले दिनों कॉलेजों के प्राचार्य के साथ बैठक हुई थी। इसमें उन्हें अलग से समारोह की जानकारी दी गई थी। आम तौर पर दीक्षांत में मुख्य समारोह के बाद होने वाले आयोजन में रात हो जाती थी। विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए अलग आयोजन कराने का प्रस्ताव रखा गया था। चार कॉलेजों के लिए परिसर में चार अलग जगह भी देने को कहा गया था। बैठक में प्राचार्यों ने लिखित सहमति भी दी थी। अब विरोध किस बात का हो रहा है, यह समझ से परे है। विद्यार्थियों के साथ भेदभाव का आरोप भी गलत है।

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