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INTERVIEW : बीएचयू के नए कुलपति राकेश भटनागर ने कहा, विश्वविद्यालय में नहीं रहेगी संवादहीनता
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 25 Mar 2018 04:23 PM IST
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बीएचयू के नए कुलपति राकेश भटनागर
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के नवागत कुलपति प्रो.राकेश भटनागर छात्रों से मिलना पसंद करते हैं। उनका कहना है कि वह बीएचयू में आने के बाद सभी से मिलेंगे। अमर उजाला से विशेष बातचीत में कुलपति ने कहा कि उनका पूरा जोर पढ़ाई पर ही रहेगा। यूनिवर्सिटी का काम ही एकेडमिक से होता है। यूनिवर्सिटी में संवादहीनता नहीं रहेगी। शिक्षकों-छात्रों से बातचीत कर सभी समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करूंगा। जेएनयू से रिलीव होने के बाद ही बीएचयू आकर कार्यभार ग्रहण करूंगा। कुलपति से बातचीत के प्रमुख अंश...
आप बीएचयू में कब कार्यभार ग्रहण करेंगे।
जवाब: जेएनयू में तो सप्ताह में पांच दिन का ही कार्यदिवस होता है। शनिवार-रविवार अवकाश होने की वजह से सोमवार को जेएनयू में अपने को कार्यमुक्त करने का पत्र दूंगा। आदेश होते ही बीएचयू आकर ज्वाइन करूंगा। बीएचयू बड़ी यूनिवर्सिटी है। शिक्षक-छात्र भी बड़े अच्छे हैं, सबके सहयोग से ही विश्वविद्यालय को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाऊंगा।
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आप बीएचयू में कब कार्यभार ग्रहण करेंगे।
जवाब: जेएनयू में तो सप्ताह में पांच दिन का ही कार्यदिवस होता है। शनिवार-रविवार अवकाश होने की वजह से सोमवार को जेएनयू में अपने को कार्यमुक्त करने का पत्र दूंगा। आदेश होते ही बीएचयू आकर ज्वाइन करूंगा। बीएचयू बड़ी यूनिवर्सिटी है। शिक्षक-छात्र भी बड़े अच्छे हैं, सबके सहयोग से ही विश्वविद्यालय को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाऊंगा।
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बीएचयू
कुलपति के रूप में आपकी प्राथमिकता क्या होगी।
जवाब: मेरी तो प्राथमिकता एकेडमिक से ही होगी। मैं खुद भी एकेडमिक पर ही ज्यादा जोर देता हूं। यूनिवर्सिटी का काम एके डमिक से ही करना होता है। अच्छे टीचर्स, अच्छे स्टूडेंट हो अच्छा काम हो। यही सब प्राथमिकता होगी। इसी से यूनिवर्सिटी का नाम होता है।
कुछ लोग यह कह रहे हैं कि आपके आने से जेएनयू जैसा माहौल दिखेगा।
जवाब: नहीं-नहीं ऐसा नहीं है जेएनयू में अगर कुछ अभी हो रहा है तो वह एक अपवाद है। असल में जेएनयू देश की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी है और बीएचयू भी पढ़ाई लिखाई की रैकिंग में देश में टॉप यूनिविर्सिटी में तीसरे नंबर है। बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है। हमारी जेएनयू और बीएचयू की पढ़ाई बहुत अच्छी है। मेरा जोर पढ़ाई पर ही रहेगा।
जवाब: मेरी तो प्राथमिकता एकेडमिक से ही होगी। मैं खुद भी एकेडमिक पर ही ज्यादा जोर देता हूं। यूनिवर्सिटी का काम एके डमिक से ही करना होता है। अच्छे टीचर्स, अच्छे स्टूडेंट हो अच्छा काम हो। यही सब प्राथमिकता होगी। इसी से यूनिवर्सिटी का नाम होता है।
कुछ लोग यह कह रहे हैं कि आपके आने से जेएनयू जैसा माहौल दिखेगा।
जवाब: नहीं-नहीं ऐसा नहीं है जेएनयू में अगर कुछ अभी हो रहा है तो वह एक अपवाद है। असल में जेएनयू देश की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी है और बीएचयू भी पढ़ाई लिखाई की रैकिंग में देश में टॉप यूनिविर्सिटी में तीसरे नंबर है। बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है। हमारी जेएनयू और बीएचयू की पढ़ाई बहुत अच्छी है। मेरा जोर पढ़ाई पर ही रहेगा।
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bhu
जेएनयू में देशद्रोह की घटना की जांच के बाद आप चर्चा में आए।
जवाब: ऐसा बिल्कुल नहीं है। मुझे जो भी काम दिया जाता है, उसे मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी से करता हूं। इसी में मुझे अच्छा लगता है।
बीएचयू में संवादहीनता की कमी देखी गई है।
जवाब: यूनिवर्सिटी में संवादहीनता नहीं होनी चाहिए। मैं सबसे बात करना पसंद करता हूं और यही मुझे बहुत अच्छा लगता है। लोगों से बात कर किसी समस्या को सुलझाना अच्छा होता है।
जवाब: ऐसा बिल्कुल नहीं है। मुझे जो भी काम दिया जाता है, उसे मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी से करता हूं। इसी में मुझे अच्छा लगता है।
बीएचयू में संवादहीनता की कमी देखी गई है।
जवाब: यूनिवर्सिटी में संवादहीनता नहीं होनी चाहिए। मैं सबसे बात करना पसंद करता हूं और यही मुझे बहुत अच्छा लगता है। लोगों से बात कर किसी समस्या को सुलझाना अच्छा होता है।