BHU: 10 खरब डॉलर अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बनेगी काशी, IIT व UPSIDA के बीच MoU; 10 साल में 493 पेटेंट फाइल
Varanasi News: यूपीसीडा और आईआईटी के अफसरों ने समझाैता पत्र पर हस्ताक्षर किया। इस दाैरान करीब 100 रिसर्च पोस्टर और 58 ग्रांटेड पेटेंट की प्रदर्शनी लगी थी जिसमें काफी जानकारियां साझा की गई थीं।
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IIT BHU: आईआईटी बीएचयू और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के बीच समझौता हुआ। इसके तहत काशी को भी दस खरब डॉलर अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बनाया जाएगा। यूपीसीडा की ओर से सीईओ मयूर माहेश्वरी और संस्थान से अधिष्ठाता (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) प्रो. राजेश कुमार ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
सीईओ ने कहा कि यह साझेदारी शिक्षा को आगे बढ़ाने के साथ ही छात्र-छात्राओं को औद्योगिक विकास से जोड़कर रखेगी। हमेशा नवाचारों को उद्योग और युवा उद्यमियों तक पहुंचाने में मदद करेगी। इसका उद्देश्य अकादमिक संस्थानों और उद्योगों के बीच घनिष्ठ सहयोग स्थापित करना है।
इसका मुख्य फोकस तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना, स्टार्टअप्स के इनक्यूबेशन की मदद और शोध को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ना है। मयूर महेश्वरी ने कहा कि यूपीसीडा और और आईआईटी-बीएचयू का यह सहयोग शिक्षा, अनुसंधान एवं उद्योगों के बीच सेतु का कार्य करेगा, जो भविष्य की औद्योगिक प्रगति और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।
इस दौरान संस्थान में जेआईसी स्टार्टअप सीड ग्रांट अवाॅर्ड का शुभारंभ डॉ. एमके मेशरॉम ने किया। करीब 100 रिसर्च पोस्टर और 58 ग्रांटेड पेटेंट की प्रदर्शनी लगी और पेटेंट प्राप्त शिक्षकों का सम्मान किया गया।
अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि बौद्धिक संपदा और प्रौद्योगिकी विकास में बढ़ोतरी आई है। 2014 से अब तक संस्थान ने 493 पेटेंट फाइल किए, जिनमें से 410 प्रकाशित, 243 स्वीकृत और 12 तकनीक उद्योगों को सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया।
चार शिक्षक सम्मानित : भौतिकी विभाग के प्रो. प्रभाकर सिंह, स्कूल ऑफ मैटेरियल साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार मिश्रा, रसायन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. साम्या बनर्जी और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. संतोष सिंह को सम्मानित किया गया।
शोध को तेज करने के लिए शोधार्थियों और अध्यापकों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। उच्च रैंकिंग के लिए नहीं, बल्कि उत्कृष्टता के लिए कार्य करना चाहिए। वर्ष-दर-वर्ष व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ें, महत्वाकांक्षी हों, देश-विदेश के संस्थानों से सहयोग करें। - प्रो. अमित पात्रा, निदेशक आईआईटी बीएचयू