12 दिन बाद मिला BHU से लापता छात्र: उधारी चुकाने के डर से हुआ था गायब, पिता ने जताई थी अनहोनी की आशंका
बीएचयू के लालबहादुर शास्त्री हॉस्टल के रूम नंबर 50 में रहने वाला बी-वॉक फर्स्ट ईयर का छात्र उज्ज्वल तिवारी 19 अगस्त को लापता हो गया था। पुलिस ने उसे गुरुवार को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जन्माष्टमी के दिन काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के लालबहादुर शास्त्री हॉस्टल से लापता छात्र को पुलिस ने 12 दिन बाद खोज निकाला है। बी-वॉक फर्स्ट ईयर का छात्र उज्ज्वल तिवारी उधारी चुकाने के डर से खुद ही गायब हुआ था। उसके पिता प्रकाश चंद्र तिवारी ने अनहोनी की आशंका जताई थी। 20 अगस्त को लंका थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उज्ज्वल को बरामद कर गुरुवार को उसके पिता को सुपुर्द कर दिया है। बेटे के मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है।
भदोही के दुलासी निवासी उज्जवल तिवारी बीएचयू के कम्प्यूटर एप्लिकेशन (बी-वॉक) प्र्रथम वर्ष का छात्र है। लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास के कमरा नंबर 50 में रहने वाला उज्जवल 19 अगस्त सुबह 10 बजे से लापता हो गया। उसक मोबाइल भी बंद था। 20 अगस्त को मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू की।
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के अनुसार उज्जवल ने हाल के दिनों में कई छात्रों से उधार पर पैसे लिया था। बैंक आफ बड़ौदा के खाते से 80 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन भी हुआ। साइबर सेल और सर्विलांस सेल ने खोजबीन शुरू की। लोकेशन मिलने पर 12 दिन बाद उसे गुरुवार को वाराणसी कैंट स्टेशन के पास से बरामद कर लिया गया।
नौकरी के नाम पर दोस्तों से मांगे थे पैसे
पुलिस के मुताबिक, उज्ज्वल ने पूछताछ में बताया कि दोस्तों से प्राइवेट जॉब के नाम पर करीब 25 हजार रुपये उधार लिए थे। नौकरी लगी नहीं और दोस्त लोग अपना पैसा मांगने लगे। इस बात से परेशान उज्ज्वल ने 19 अगस्त को अपना मोबाइल बंद किया और बिना किसी को कुछ कहे हॉस्टल से निकल गया। इतने दिनों में वो आसपास के कई शहरों में गया। गुरुवार को कैंट स्टेशन के पास उसका लोकेशन मिला।