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सोलर डिमिंग: भारत में 30 साल में 13 घंटे कम हो गई धूप की अवधि, बढ़ते प्रदूषण की वजह से हो रही ये समस्या
Fri, 10 Oct 2025 05:17 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 10 Oct 2025 05:17 PM IST
सार
भारत में 30 साल में धूप की अवधि 13 घंटे कम हो गई। इतना ही नहीं बढ़ते प्रदूषण की वजह से हिमालय पर भी नौ घंटे धूप की अवधि घट गई।
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सूर्य
- फोटो : adobe
विस्तार
बीएचयू और देश भर के मौसम वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन कर बताया है कि भारत में सोलर डिमिंग यानी कि धूप की अवधि कम हो रही है। पिछले 30 वर्षों के दौरान मैदानों में 13 घंटे और पहाड़ों पर नौ घंटे तक धूप कम हो गई है। शहरों में बढ़ते प्रदूषण की वजह से ये समस्या हो रही है। इससे भारत की सौर नीतियों और सौर ऊर्जा की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
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यह शोध बीते तीन दशकों में 1988 से 2018 के बीच हुआ है।यह रिसर्च नेचर पोर्टफोलियो की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘’साइंटिफिक रिपोर्ट्स’’ में भी प्रकाशित हो चुका है। बीएचयू ने मौसम विज्ञान विभाग और भारतीय उष्ण कटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान, दिल्ली के साथ मिलकर यह शोध किया है।
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पूरे देश में 20 मौसम केंद्रों पर पूरे दिन में धूप अवधि का विश्लेषण किया गया है। ये सभी 20 केंद्र देश के 9 जलवायुवीय क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अध्ययन के दौरान धूप की अवधि में सबसे तेज गिरावट उत्तरी आंतरिक मैदानी क्षेत्रों में मिली है।
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हिमालयी क्षेत्र में लगभग 9 घंटे प्रति वर्ष और पश्चिमी तटीय क्षेत्र में करीब 8.6 घंटे प्रति वर्ष की कमी आई है। पूर्वी तटीय और मध्य भारत में भी मध्यम गिरावट रही जबकि पूर्वोत्तर भारत में कोई कमी नहीं रही।
बादलों की अधिकता और शहरीकरण भी जिम्मेदार
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक और शोधकर्ता प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम के अध्ययन से पता चला कि मानसून और मानसून के बाद के समय में धूप की अवधि में सबसे ज्यादा कमी हो रही है।
बनारस के दिन-रात के पारा में 10 डिग्री का अंतर
बनारस बृहस्पतिवार को 33.5 डिग्री के साथ बनारस प्रदेश का पांचवां सबसे गर्म जिला बन गया है। दिन और रात के तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस का फर्क आ रहा है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम पारा सामान्य के बराबर 33.5 डिग्री सेल्सियस तक गया वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक चला गया। दूसरी ओर अक्तूबर महीने के 10 दिन के औसत से बनारस में 771 फीसदी ज्यादा वारिश हो चुकी है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पछुआ हवा कुछ ही दिन में एक्टिव हो जाएगी तो ठंडक तेजी से बढ़ सकती है।
बनारस के दिन-रात के पारा में 10 डिग्री का अंतर
बनारस बृहस्पतिवार को 33.5 डिग्री के साथ बनारस प्रदेश का पांचवां सबसे गर्म जिला बन गया है। दिन और रात के तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस का फर्क आ रहा है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम पारा सामान्य के बराबर 33.5 डिग्री सेल्सियस तक गया वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक चला गया। दूसरी ओर अक्तूबर महीने के 10 दिन के औसत से बनारस में 771 फीसदी ज्यादा वारिश हो चुकी है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पछुआ हवा कुछ ही दिन में एक्टिव हो जाएगी तो ठंडक तेजी से बढ़ सकती है।