IIT BHU: पूर्वी यूपी के 28 जिलों के विकास के इंजन बनेंगे बीएचयू-आईआईटी, कॅरिअर के बेहतर अवसर मिलेंगे
Varanasi News: बीएचयू में एग्री स्टार्टअप कॉन्क्लेव में वैज्ञानिक, किसान व विशेषज्ञ जुटे। आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर पूर्वांचल के 28 जिलों में कृषि शोध का निर्णय हुआ। ड्रोन-रोबोटिक्स, नवाचार और एग्री-बिजनेस पार्क के जरिए कृषि विकास व स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
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Varanasi News: बीएचयू में एग्री स्टार्टअप कॉन्क्लेव के पहले दिन सरकार, वैज्ञानिक, स्टार्टअप्स, किसान, नीति निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ एक साथ बैठे। कृषि विज्ञान संस्थान के कृषि शताब्दी सभागार में शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन से ड्रोन मैन ऑफ इंडिया की उपाधि पा चुके रोबोज.इन के संस्थापक मिलिंद राज पहुंचे।
उन्होंने ड्रोन-रोबोटिक्स के इस्तेमाल और युवाओं के लिए कृषि-तकनीक में कॅरिअर के बेहतर अवसरों के बारे में बताया। इस दौरान पूर्वी यूपी के 28 जिलों के विकास के लिए आईआईटी और बीएचयू ने एक साथ मिलकर कृषि के क्षेत्र में शोध करने का निर्णय लिया।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल भाषण के लिए नहीं, बल्कि संवाद, समस्याओं की समझ और समाधान खोजने में मददगार होंगे। बीएचयू का दायित्व केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि समाज खासकर पूर्वी यूपी के आर्थिक विकास में बड़ा योगदान देना भी है।
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि बीएचयू, आईआईटी बीएचयू और दूसरे संस्थानों के संयुक्त प्रयास से पूर्वी उत्तर प्रदेश का विकास किया जाएगा। कृषि में नवाचार और वैल्यू एडिशन करने की कई संभावनाएं हैं। तकनीक और वैज्ञानिक ज्ञान को सही तरीके से किसानों तक पहुंचाना जरूरी है। उत्पादन के साथ-साथ बेहतर मार्केटिंग और मजबूत बिजनेस मॉडल विकसित किया जाएगा।
किसान-वैद्य के बीच सहयोग की जरूरत : कॉन्क्लेव में देहात स्टर्टअप के वाइस प्रेसिडेंट राकेश कुमार ने कृषि स्टार्टअप मॉडल, किसानों के साथ तकनीकी जुड़ाव और नवाचार आधारित सेवाओं को बताया। आरोग्यवर्धक औषधालय के वैद्य एस मिश्रा ने कृषि और आयुर्वेद के बीच संबंधों को जोड़कर काम करने को कहा। किसान-वैद्य सहयोग की जरूरत बढ़ानी होगी। कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. यूपी सिंह ने भी विचार रखे।
एग्री-बिजनेस पार्क लाइटहाउस होगा
कृषि अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. वीके चंदोला ने आईआईटी बीएचयू और बीएचयू के सहयोग से प्रस्तावित एग्री-बिजनेस पार्क की अवधारणा को लाइटहाउस बताया। कृषि अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कमलवंशी ने कहा कि यह मंच स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, निवेशकों, विद्यार्थियों और किसानों को जोड़कर विचार-विनिमय और नवाचार को बढ़ावा देगा।