फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU hostels Rooms vacated from students staying illegally

बीएचयू: हॉस्टल में कमरों को खाली करने के लिए तालों पर चला हथौड़ा, अवैध रूप से रह रहे थे छात्र

Sun, 19 Sep 2021 12:20 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 19 Sep 2021 12:20 PM IST
विज्ञापन
BHU hostels Rooms vacated from students staying illegally
कमरों का ताला तोड़ते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला

बीएचयू के छात्रावासों में अवैध रूप से रहने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके तहत शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास में उन कमरों का ताला तोड़ा गया, जिनमें अवैध रूप से छात्र रहे थे। यह अभियान सोमवार को भी चलेगा, ताकि छात्रों को कमरा आवंटित किया जा सके।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय में एक सितंबर से अंतिम वर्ष की कक्षाओं का संचालन शुरू है। इसके अलावा छात्रावास के आवंटन का भी फैसला लिया गया था। अन्य छात्रावासों में तो कमरों का आवंटन हो गया, लेकिन बिड़ला और एलबीएस हॉस्टल में अवैध कब्जे होने की वजह से आवंटन फंस गया था।
विज्ञापन


पिछले दिनों अवैध रूप से रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया गया था। शनिवार को दोपहर में हॉस्टल कोआर्डिनेटर डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र, एडमिनिस्ट्रेटिव वार्डन डॉ. अनिल सिंह, डॉ. अमर ज्योति सिंह की मौजूदगी में करीब 60 कमरों के ताले तोड़े गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के साथ ही यहां मिले सामानों को बोरे में भरकर रखवा दिया गया। करीब एक महीने से अवैध रूप से रहने वालों को हॉस्टल खाली करने का नोटिस दिया गया था। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो यह कदम उठाना पड़ा। इस दौरान डॉ. ऋषि शर्मा, प्रॉक्टर डा. रंजीत सिंह, डा. सुजीत आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed