BHU में भारी बवाल: भारत-पाकिस्तान मैच के बाद पूरी रात कैंपस में अफरा-तफरी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
बीएचयू में देर रात छात्रों के दो गुटों में मामूली कहासुनी पहले विवाद और फिर संघर्ष में बदल गई। मारपीट में पांच छात्र घायल हो गए। सूचना के बाद कई थानों की पुलिस पहुंची और मोर्चा संभाला।
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नये सत्र की पढ़ाई शुरू होने से पहले सर्व विद्या की राजधानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर का माहौल गरमा गया है। एशिया कप के सुपर-फोर के लिए रविवार को भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत के बाद देर रात छात्रों के दो गुटों में मामूली कहासुनी पहले विवाद और फिर संघर्ष में बदल गई। देर रात तक दोनों ओर के सैकड़ों छात्र आमने-सामने आ गए। एक-दूसरे के खिलाफ लाठी-डंडा, से लेकर लांत-घूंसे तक चलाए। आरोप है कि इस दौरान दोनों तरफ से पत्थर भी चलाए गए।
मारपीट की सूचना के बाद कई थानों की पुलिस पहुंची और मोर्चा संभाला। रात करीब 12 बजे शुरू हुआ हंगामा सोमवार अलसुबह शांत हुआ। पुलिस ने छात्रों को लाठी फटकार कर भगाया और हॉस्टल के अंदर किया। इस दौरान पूरे कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल रहा। बीती रात मारपीट में पांच छात्र गंभीर घायल हुए हैं। जिन्हें बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
सोमवार सुबह से परिसर में तनावपूर्ण शांति है। जगह-जगह फोर्स तैनात है। खासकर बिड़ला और एलबीएस हॉस्टल के पास पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। इधर, इस मामले को लेकर बीएचयू परिसर में सुरक्षा व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में है।
आखिर क्यों हुआ बवाल
देर रात बिड़ला हॉस्टल और एलबीएस हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट क्यों हुई, इसका कारण साफ नहीं है। घटना के समय मौजूद लोगों में कोई बर्थडे पार्टी को लेकर मारपीट होने की बात कह रहा था तो कुछ लोग भारत पाकिस्तान मैच के दौरान आपसी नोकझोंक को वजह बता रहे थे। जिस समय यह घटना हुई, उस समय वहां छात्रावास से जुड़े अधिकारी भी मौजूद नहीं थे।
करीब 12 बजे बिड़ला हॉस्टल के पास यह घटना हुई। पहले आपस में किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। बाद में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से मारपीट हो गई। इसमें पांच से अधिक छात्र घायल हो गए। सूचना पाकर मौके पर एसीपी भेलूपुर समेत तीन थानों की फोर्स भी विश्वविद्यालय पहुंच गई।
हमलावर छात्रों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन
चीफ प्रॉक्टर प्रो. अभिमन्यु सिंह भी घटना स्थल पर पहुंचे और छात्रों को मनाने का प्रयास किया लेकिन छात्र बिना कार्रवाई के निर्णय के हटने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि परिसर में बाहरी छात्रों ने आकर मारपीट की। उधर एसीपी भेलूपुर भी धरनारत छात्रों को मनाने में जुटे रहे। छात्रों का एक गुट सड़क पर धरना शुरू कर दिया तो वहीं दूसरा गुट चीफ प्रॉक्टर के ऑफिस पहुंचा। सभी प्रदर्शन और बीएचयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
दोनों गुट की मांग थी कि हमलावार छात्रों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। पुलिस उन्हें समझाने की कोशिश में लगी रही लेकिन छात्र किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद पुलिस फोर्स ने अपनी पूरी ताकत के साथ छात्रों को घटनास्थल से हॉस्टल के अंदर की ओर खदेड़ दिया। उसके बावजूद छात्र बार-बार बाहर निकलकर बवाल करते रहे।
अशांत होती जा रही है महामना की बगिया, जिम्मेदार कौन
महामना की बगिया यानी बीएचयू में आए दिन बवाल होता है। इस अशांति के लिए जिम्मेदार कौन है और उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती इस पर बीएचयू प्रबंधन हमेशा मौन रहता है। विश्वविद्यालय परिसर का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों सहित अन्य अधिकारियों के पास है।
ये अधिकारी हर बार विफल रहते हैं। उनकी भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं और बीएचयू प्रबंधन घटनाओं को रूटीन मानकर चुप्पी ओढ़ लेता है। जब भी माहौल अशांत होता है विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और हॉस्टलों से जुड़े अधिकारी भी सामने नहीं आते। इसे लेकर अब तक कई बार पुलिस के आला अधिकारी आपत्ति जता चुके हैं।
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