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टेलीमेडिसिन का हब बनेगा बीएचयू अस्पताल, पांच राज्यों को करेगा कंट्रोल

Fri, 26 May 2017 02:08 PM IST
amarujala.com- Written by: रबीश श्रीवास्तव
amarujala.com- Written by: रबीश श्रीवास्तव Updated Fri, 26 May 2017 02:08 PM IST
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bhu hospital will become hub of telemedicine
बेहतर इलाज के लिए चिकित्सक विशेषज्ञों से ले सकेंगे सलाह - फोटो : self
स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में उभरता हुआ तकनीक टेलीमेडिसिन का हब बीएचयू अस्पताल बनने जा रहा है।  इसकी पहल  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय  ने की है। टेलीमेडिसिन का हब बनाए जाने के लिए अस्पताल परिसर में रीजनल रिसोर्स सेंटर भी बनाया जा रहा है।
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बीएचयू का टेलीमेडिसिन सेंटर उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में खोले जाने वाले सेंटर्स का नोडल सेंटर भी होगा। बीएचयू से इन पांच राज्यों को कंट्रोल किया जएगा।
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इसके जरिए इन प्रदेशों के सेंटरों से चिकित्सक मरीजों की जांच और ऑपरेशन के दौरान एक-दूसरे से कांफ्रेंसिंग के जरिए सलाह ले सकेंगे।  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की इस पहल के बाद सेंटर के लिए बीएचयू में डॉक्टर्स लाउंज के बगल में कैंटीन के पास भवन चिह्नित किया जा चुका है।
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चिकित्सा विज्ञान संस्थान की देखरेख में काम चल रहा है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के साथ ही मंडलीय अस्पतालों में भी टेलीमेडिसिन सेंटर खोला जाना है। इसके जरिए चिकित्सक इलाज के बाबत देश-विदेश के विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे।

आईएमस के निदेशक प्रो. वीके शुक्ल ने बताया कि  टेलीमेडिसिन सेंटर के लिए उपकरण मंगाने समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सेंटर के माध्यम से ही मंडलीय अस्पताल में खुलने वाले टेलीमेडिसिन सेंटर की भी मॉनीटरिंग की जाएगी। 

टेलीमेडिसिन से यह होगा फायदा

bhu hospital will become hub of telemedicine
टेली मेडिसन

डॉक्टर जब किसी मरीज से दूर रहकर भी मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल करके उसका इलाज करते हैं तो उसे ही टेलीमेडिसिन कहते हैं। डिजिटल कैमरा और एक खास सॉफ्टवेयर वगैरह का इसमें इस्तेमाल किया जाता है।

इससे मरीज को बार-बार अस्पताल ले जाने की समस्या से निजात मिल जाती है। दूरदराज में रहने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को इससे काफी सहूलियत होती है। स्वास्थ्य देखभाल में होने वाले खर्चों में यह कटौती करने वाला साबित हो सकता है। 
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