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छह घंटे हड़ताल पर रहे बीएचयू के रेजीडेंट डॉक्टर

Wed, 24 Jun 2015 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
अमर उजाला ब्यूराो Updated Wed, 24 Jun 2015 02:22 AM IST
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BHU Hospital : Resident Doctors On 6 Hour Strik
वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल और ट्रामा सेंटर के जूनियर डॉक्टर मंगलवार को सांकेतिक हड़ताल पर रहे। दो दिन पहले विश्वविद्यालय के छात्रों और जूनियर रेजिडेंट्स के बीच मारपीट हुई थी। इसके विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार की देर रात 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल का निर्णय लिया था लेकिन आईएमएस प्रशासन के आश्वासन पर छह घंटे बाद ही वे काम पर लौट आए।
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बीएचयू अस्पताल में आए दिन डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट के विरोध में सुबह आठ बजे से हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी, इमरजेंसी, लेबर रूम सहित ट्रामा सेंटर में भी ड्यूटी नहीं की। हड़ताल के चलते मरीजों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी। सीनियर डॉक्टर ड्यूटी पर थे लेकिन पूर्वांचल, बिहार आदि जगहों से आए हजारों मरीजों के दबाव के चलते व्यवस्था ध्वस्त रही। ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। कई मरीज बिना डॉक्टर को दिखाए बैरंग लौट गए। मंगलवार को होने वाले कुछ आपरेशन भी टालने पड़े।
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बता दें कि बीते शुक्रवार को बीए प्रथम वर्ष के एक छात्र की सर्जरी विभाग की ओपीडी में जूनियर डॉक्टर से बहस हो गई थी। इसके बाद छात्र अपने कुछ साथियों को लेकर जूनियर डॉक्टर के हास्टल पहुंच गया और उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने छात्र की जमकर पिटाई की थी। हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों का कहना था कि आए दिन अस्पताल में विश्वविद्यालय के छात्र उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं, मारपीट करते हैं। उन्हें डराया-धमकाया जाता है।
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डॉक्टरों का कहना है कि उस छात्र के खिलाफ उन्होंने शिकायत लिखकर भी दी थी लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके पहले भी कई बार जूनियर डॉक्टर अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाकर हड़ताल पर जा चुके हैं और हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। जूनियर डॉक्टरों की मांग को ध्यान में रखते हुए आईएमएस प्रशासन की बैठक हुई। बैठक के बाद आईएमएस निदेशक प्रो. आरके गोयल ने जूनियर डॉक्टरों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा से जुड़ी मांगें पूरी की जाएंगी। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए।
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